अवचेतन मन की शक्तियां, कार्य और चमत्कार

क्या आप बता सकते है कि एक व्यक्ति अमीर क्यों होता है और दूसरा व्यक्ति गरीब क्यों होता है?, एक व्यक्ति सुखी क्यों होता है और दूसरा व्यक्ति दुखी क्यों होता है?, एक व्यक्ति आशावादी क्यों होता है और दूसरा व्यक्ति निराशावादी क्यों होता है?, एक व्यक्ति बंगले में रहता है तथा दूसरा व्यक्ति झोपड़ी में क्यों रहता है? इन सब का एक ही कारण है और वह है हमारा “अवचेतन मन”। लेकिन यह अवचेतन मन क्या है

हमारे भीतर सुख और सम्रद्धि का बहुत बड़ा खजाना छिपा हुआ है और उसी खजाने को पाने में अवचेतन मन हमारी मदद करता है।

अवचेतन मन इतिहास का सबसे बड़ा रहस्य है जिसे पूरी तरह से कोई नही समझ पाया है। इस लेख में मैं आपको अवचेतन मन के बारे में वो सारी जानकारी दूंगा जो आपको और कहीं नही मिलेगी। लेकिन सबसे पहले आपको चेतन मन और अवचेतन मन के बारे में जानकारी होनी चाहिए।

चेतन मन (Conscious Mind) और अवचेतन में अंतर (Subconscious Mind)

हमारे पास मस्तिष्क एक होता है लेकिन चेतन मन और अवचेतन उसके दो भाग होते है। चेतन मन किसी भी काम के बारे में तर्क वितर्क कर सकता है लेकिन अवचेतन मन तर्क वितर्क नही करता। अवचेतन मन उसी बात को सीख लेता है जो आप उसे सीखाते है। जैसे

जब आप कार चलाना सीखते है तो आपका चेतन मन कार्य करता है और कार चलाना सीखते समय तर्क वितर्क करता है। जैसे – कितनी स्पीड से कार चलानी चाहिए, कार में गियर कब बदलना है, कार को कैसे मोड़ना है आदि। जब आपको इन सभी सवालों के जवाब मिल जाते है तो आपका अवचेतन मन इन्हें याद कर लेता है।

जब आप कार चलाना सीख जाते है तब आपका अवचेतन मन कार चलाता है। जैसे कभी-कभी आप फ़ोन पर बात करते है और कार अपने आप चलती रहती है। साधारण भाषा में कहे तो हमारी आदते ही अवचेतन मन का निर्माण करती है।

अगर आपकी आदते अच्छी होगी तो आपका अवचेतन मन उन्ही के हिसाब से काम करेगा और आपको जीवन में सफलता दिलाने में मदद करेगा। इसलिए कहा जाता है कि चेतन मन एक बीज है और अवचेतन मन उपजाऊ मिटटी है आप जैसा बीज बोयेंगे अवचेतन मन आपको वैसा ही पौधा लौटाएगा।

जिस प्रकार एक आम के बीज से बना पेड़ कई सालो तक हजारों आम देता है उसी प्रकार अवचेतन मन में बोया हुआ एक अच्छा विचार हमें सालो तक हजारों अच्छे विचार और परिणाम देता है। जैसे

“हमेशा सत्य बोलना चाहिए केवल तभी असत्य बोलना चाहिए जब आपके असत्य बोलने के किसी का जीवन बच सके” अगर आप अपने अवचेतन मन में एक विचार बो देते है तो अवचेतन मन आपके इस विचार का पालन करेगा और जीवन में आपको ढेर सारा मान और सम्मान दिलाएगा।

अवचेतन मन के द्वारा मनचाहे परिणाम पाने का तरीका  

अवचेतन मन से मनचाहे परिणाम पाने के लिए आपको कल्पनाशक्ति का प्रयोग करना चाहिए, इच्छाशक्ति का नही। इच्छाशक्ति और कल्पनाशक्ति में बहुत अंतर होता है। उदाहरण

इच्छाशक्ति – सड़क पर चलती हुई चमचमाती कार देखकर कहना – एक दिन यह कार मैं खरीदकर ही रहूँगा इसके लिए चाहे मुझे कुछ भी करना पड़े।

कल्पनाशक्ति – सड़क पर चलती हुई चमचमाती कार देखकर कल्पना करना कि – आज से 3 साल बाद यह कार मैं इसी सड़क पर चला रहा हूँ और मुझे बहुत आनंद आ रहा है।

कल्पनाशक्ति, इच्छाशक्ति से अधिक बलशाली होती है। आपका अवचेतन मन आपकी कल्पनाशक्ति को पूरा करने की पूरी कोशिश करता है और आपको वो सारे रास्ते भी दिखाता है जिनके जरिये आप अपने लक्ष्य को पा सकते है। 

बाइबल में कहा गया है “आप प्रार्थना में जो भी मागेंगे, विश्वास करने पर वह आपको अवश्य मिलेगा” इसलिए अवचेतन मन के द्वारा मनचाहे परिणाम पाने का अपनी कल्पनाशक्ति का सहारा लीजिये। इसके लिए आपको क्या-क्या करना होता है वह आगे बताया गया है।  

अवचेतन मन कैसे कार्य करता है

आप अपने अवचेतन मन को जो भी बात कहते है आपका अवचेतन मन उसी को सच मान लेता है। जैसे अगर आप अपने छोटे बच्चे को रोजाना यह बताये कि भारत देश की राजधानी पंजाब है तो बच्चे का चेतन मन कहेगा कि मेरे पापा यह बात कह रहे है तो यही सही है और फिर उसका अवचेतन मन भी इस बात को स्वीकार कर लेगा। उसके बाद जब भी आप इससे भारत कि राजधानी पूछेंगे तो उसका अवचेतन मन पंजाब ही बताएगा।

अवचेतन मन को जागृत कैसे करें

किसी भी प्रकार की समस्या को हल करने के लिए आपको अपने अवचेतन मन की प्रोग्रामिंग करनी होती है। अवचेतन मन की प्रोग्रामिंग के लिए आपको नीचे दिए गये 3 स्टेप्स फॉलो करने होते है।

  1. सबसे पहले किसी भी प्रकार की समस्या या चौनोती को स्वीकार करे।
  2. उस समस्या को अपने अवचेतन मन के हवाले कर दे केवल वही इसे सुलझाने का सही तरीका जानता है।
  3. और इस बात पर गहरा विश्वास करे कि आपकी यह समस्या हल हो चुकी है।

अवचेतन मन को जागृत करने के लिए आपको अपने अवचेतन मन को समस्या का समाधान करने का आदेश देना होता है और इस बात पर विश्वास करना होता है कि यह आपकी समस्या जरुर हल कर देगा।

अवचेतन मन के चमत्कार

संसार में ऐसे बहुत सारे लोग है जिन्होंने अवचेतन मन की शक्ति का प्रयोग करके ऐसी बीमारियों को भी ठीक किया है जिनका संसार में कोई ईलाज नही है जैसे कैंसर, चर्म रोग, विकलांगता आदि।

उदाहरण के तौर पर मैं आपको एक वाकया बताता हूँ। दक्षिणी अफ्रीका में एक पादरी था जिसको फेफड़ो का कैंसर था लेकिन उसने अपने अवचेतन मन की शक्ति से उसे पूरी तरह ठीक कर लिया। वह दिन में कई बार एक प्रार्थना करता था जो कि निम्न प्रकार है –

“मेरे पंजे शिथिल है, मेरे टखने शिथिल है, मेरे पैर शिथिल है, मेरे पेट की मांसपेस़िया शिथिल है, मेरा दिल और फेफड़े शिथिल है, मेरा सिर शिथिल है” उसके लगभग पांच मिनट बाद वह अपने आप को उनींदी अवस्था में पाता था उसके बाद वह इस सत्य की घौषणा करता था।

 “सम्पूर्ण स्वास्थ्य का विचार मेरे अवचेतन मन में भर रहा है। ईश्वर ने मेरी जो छवि बनाई है, वह आदर्श छवि है और मेरा अवचेतन मन ईश्वर की उसी आदर्श छवि को मेरे अनुसार दोबारा बना रहा है”

इस तरह अपने अवचेतन मन की शक्ति से उस पादरी ने अपने आप को पूरी तरह से ठीक कर लिया। इसी तरह के बहुत सारे उदाहरण है और उन सभी का सारांश एक ही है कि हमारा अवचेतन मन हमारे शरीर की सभी प्रकार की प्रक्रियाओं को नियंत्रित करता है और सभी समस्याओं का जवाब जानता है। अत: आप अपने अवचेतन मन के द्वारा अपने जीवन में किसी भी प्रकार का चमत्कार कर सकते है।

अवचेतन मन के कार्य

हमारा अवचेतन मन दिन-रात कार्य करता रहता है लेकिन यह कुछ बोलता नही है सिर्फ चेतन मन की सुनता है। इसलिए हम इसकी ताकत का अंदाजा नही लगा सकते और अगर कोई इसके बारे बताये तो भी सरलता से इस पर विश्वास नही होता।

हमारे शरीर की सभी अनेच्छिक क्रियाये अवचेतन मन के द्वारा ही कण्ट्रोल होती है। जैसे भोजन का पचना, दिल का धड़कना, रक्त का शरीर में प्रवाह, पुरानी मांसपेशियों का नष्ट होना और नयी मांसपेशियों का पुन: निर्माण होना।  

किसी भी व्यक्ति का हाव-भाव, रहन-सहन, चलना, उठाना, बैठना आदि कार्य उसके अवचेतन मन के द्वारा ही कण्ट्रोल किये जाते है।

दौलत पाने के लिए अवचेतन मन की शक्ति का प्रयोग कैसे करें

अगर आपके पास पैसे की कमी है तो इसका मतलब है कि आपने कभी भी अपने अवचेतन मन को यह नही कहा कि आपको दौलत चाहिए। आप ऐसे बहुत सारे लोगो को जानते होंगे जो दिन में सिर्फ कुछ ही घंटो कम करते है और लाखों रूपये कमाते है क्या आप जानते है वो ऐसा कैसे करते है?

वो दौलत कमाने के लिए अपने अवचेतन मन की शक्ति का प्रयोग करते है। दौलत व्यक्ति के अवचेतन के विश्वास से ज्यादा और कुछ नही है। आप यह कहकर दौलतवान नही बन सकते कि “मैं लखपति हूँ, मैं लखपति हूँ” बल्कि आपको अपने अवचेतन मन को विश्वास दिलाना होता है कि आप दौलतवान बन चुके हूँ।

रोजाना रात को सोने से पहले और सुबह उठने से बाद अपने अवचेतन मन से प्रार्थना करें कि वह आपको जीवन में सुख और समृधि दे। फिर उसके बाद आपका अवचेतन मन आपके लिए सुख और समृधि पाने के रास्ते अपने आप खोज लेगा।

उम्मीद है अब आप जान गये है कि अवचेतन मन क्या है और कैसे कार्य करता है और इसे किस प्रकार जागृत किया जा सकता है।

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