How to control your mind in hindi | 10 आसान तरीके

How to control your mind in hindi : How to control your mind in hindi इस विषय पर बहुत सारे शोध हो चुके हैं लेकिन सभी लोग एक निष्कर्ष पर पहुंचते हैं।

दिमाग किसी बल्ब की तरह काम नहीं करता जो स्विच ऑन करने पर चालू और स्विच ऑफ करने पर बंद हो जाए। जिस तरह आप जीभ को स्वाद लेने से नहीं रोक सकते, अपने दिल को धड़कने से नहीं रोक सकते, नसों में खून को बहने से नहीं रोक सकते उसी प्रकार आप दिमाग में आने वाले विचारों को भी नहीं रोक सकते।

आप अपने दिमाग में आने वाले विचारों को संतुलित कर सकते हैं लेकिन रोक नहीं सकते। अगर आप अपने जीवन में कोई लक्ष्य हासिल करना चाहते हैं तो यह तभी मुमकिन है जब आपका दिमाग संतुलित हो, स्थिर हो और फोकस्ड हो। How to control your mind in hindi

स्थिर और संतुलित दिमाग के फायदे

How to control your mind in hindi

क्या आपने कभी आम, अमरूद और जामुन का बीज देखा है कैसे एक छोटा सा बीज एक दिन बड़ा वृक्ष बन जाता है यह तभी मुमकिन हो पाता है जब वह जमीन में स्थिर रहता है।

लेकिन अगर हम रोज इसकी जगह बदलते रहेंगे तो शायद उग भी ना पाए या थोड़ा बड़ा होकर खत्म हो जाए ठीक उसी तरह हमारा दिमाग काम करता है।

जिंदगी में कोई भी छोटा या बड़ा लक्ष्य हासिल करने के लिए हमारे दिमाग का स्थिर तथा संतुलित होना बहुत जरूरी है।

रिसर्च बताते हैं कि हमारे दिमाग में प्रतिदिन 40 हज़ार से 50 हज़ार विचार आते है जिसमे से 95% विचार ऐसे होते हैं जो किसी काम के नहीं होते और यह 95% विचार repeated होते है जो हमें बार-बार आते हैं।

हमें प्रतिदिन लगभग 80% विचार नेगेटिव आते हैं और यह विचार प्रति सेकंड बदलते रहते हैं यह छोटे-छोटे विचार भी आम और जामुन के बीज की तरह होते है। जब तक हम किसी एक विचार पर पूरा फोकस नहीं करेंगे वह बड़ा पेड़ नहीं बनेगा।

उदाहरण के लिए बल्ब का आविष्कार थॉमस एडिसन ने किया था। इस काम में वे 1000 बार फेल हुए थे अगर वह भी हर पल अपने विचार बदलते रहते और हार मान लेते तो क्या वे बल्ब का आविष्कार कर सकते थे।

जब आप अपने लक्ष्य पर स्थिर रहते है, फोकस रहते हैं तब आपका दिमाग एक से बढ़कर एक solution देने लगता है बेहतर रिजल्ट देने लगता है और आप जीवन में निंरतर आगे बढ़ते चले जाते है।

मन में अधिक विचार क्यों आते हैं

How to control your mind in hindi से पहले आपको अपने विचारो को समझना होगा कि आपके मन में किस तरह के विचार आते है पॉजिटिव विचार, नेगेटिव विचार, ईर्ष्या वाले विचार, क्रोध वाले विचार, अहंकारी विचार।

अलग-अलग तरह के विचारो को रोकने/संतुलित के अलग-अलग तरीके है। जैसे अगर आपको नेगेटिव विचार आते है तो इसका मतलब है कि आप अपने आस पास घर परिवार में नेगेटिव बाते सुनते है तथा नेगेटिव माहौल में रहते है। नेगेटिव माहौल में रहकर पॉजिटिव विचार लाना बहुत मुश्किल है। इसलिए आपको अपने घर का माहौल बदलना होगा या आपको कही और जाकर रहना होगा घर के सभी लोगो को समझाना बहुत मुश्किल है।

अगर आपको अहंकारी विचार आते है तो आपको महापुरुषो कि जीवनी पढ़नी चाहिए योग और मैडिटेशन करना चाहिए।

सभी लोगो के मन में अलग-अलग तरह के विचार आते है। जो व्यक्ति जैसे माहौल में रहता है। उसके मन में उसी तरह के विचार आते है हम जितना ज्यादा इन्फॉर्मेशन अपने दिमाग में डालते है हमारे दिमाग में उतने ही अधिक विचार आते है। इसलिए केवल उन्ही बातो को जानने की कोशिश करनी चाहिए जो हमारे काम की है।

उदाहरण के लिए आप एक हफ्ते के लिए अपने मोबाइल, TV, कंप्यूटर आदि से दूरी बना ले फिर आप देखना आपके मन में आने वाले विचारो की संख्या आधी से भी कम हो जाएगी।

मन में आने वाले विचारों को कम करने के बहुत सारे तरीके है। जैसे योग, मैडिटेशन, पॉजिटिव विचारो का अभ्यास, वैराग्य का जीवन जीना, केवल उन्ही बातो के बारे में जानकरी हासिल करना जो हमारे लिए जरुरी है, अपने आस-पास के माहौल को पॉजिटिव बनाना, नेगेटिव विचारो वाले व्यक्तियों से दूरी बनाना, महान लोगो के विचारों तथा जीवनी को पढ़ना आदि।

एक बात हमेसा याद रखें कि जो व्यक्ति जितना अधिक पॉजिटिव होता है उसके मन में उतने ही कम विचार आते है।

पढ़े : 7 चक्र क्या होते है इनको बैलेंस कैसे करें

क्या मन में आने वाले विचारों को नियंत्रित किया जा सकता है?

अगर आसान भाषा में जवाब दे तो “नहीं”। आप अपने मन के विचारों पर लगाम नहीं लगा सकते लेकिन अपने विचारों को अभ्यास के द्वारा सही दिशा दे सकते हैं।

अपने विचारों को सही दिशा देने के लिए दिमाग में हमेशा लक्ष्य पर टिका कर रखें रोज सुबह उठते ही अपने लिए एक टारगेट सेट करें।

शुरुआत में कुछ दिनों तक आपको अपना टारगेट हासिल करने के लिए थोड़ी तकलीफ होगी लेकिन बाद में आपको इसकी आदत पड़ जाएगी।

साइंस की मानें तो किसी भी आदत को बनने में 21 दिन का समय लगता है मतलब कि आप कोई भी काम लगातार 21 दिन तक करें तो है वह आपकी आदत बन जाएगा।

How to control your mind in hindi 10 आसान तरीके

कोई भी व्यक्ति अपने विचारों को एकदम से कंट्रोल नहीं कर सकता।

विचारों को कंट्रोल करने से यह मतलब नहीं है कि दिमाग में कोई भी विचार ही नहीं आए।

दिमाग/मन पर कंट्रोल करने से मतलब है अपने विचारों को सही दिशा देना सिर्फ वही विचार अपने मन में लाना जो आपको आपके लक्ष्य तक पहुंचा सके

चलिए। अब जानते हैं वह सभी तरीके जिनसे आप अपने थॉट्स को कंट्रोल कर सकते हैं। How to control your mind in hindi

1. अपनी संकल्प शक्ति को बढ़ाएं

अपने मन को कंट्रोल करने के लिए आपको छोटे-छोटे स्टेप्स लेने होंगे।

रोजाना छोटे-छोटे लक्ष्य निर्धारित करें और उन्हें पूरा करें। जैसे

  • आज मैं सुबह 9:00 से 12:00 बजे तक मोबाइल को हाथ भी नहीं लगाऊंगा।
  • आज मैं सुबह 5:00 बजे उठूंगा।
  • आज मैं दिन में नहीं सोऊंगा चाहे कुछ भी हो जाए।
  • आज मैं दिन में यूट्यूब नहीं चलाऊंगा बाकी दूसरे app चला सकता हूं।

जब आप इस तरह छोटे छोटे लक्ष्य बनाकर उन्हें पूरा करते हैं तो इससे आपका कॉन्फिडेंस बढ़ेगा।

जब कॉन्फिडेंस बढ़ता है तो व्यक्ति में के विचारों में स्थिरता आती है।

2. अपना आत्मविश्वास बढ़ाएं

ऐसे बहुत सारे तरीके हैं जिनसे आप अपना आत्मविश्वास बढ़ा सकते हैं।

  • अपना कार्य स्वयं करने की आदत डालें।
  • रोजाना सोने से पहले तथा उठने के बाद अपने आप को पॉजिटिव affirmation देवें।
  • दिन में कम से कम एक व्यक्ति की मदद जरूर करें।
  • अपनी परवाह करें।
  • अपने बालों को व्यवस्थित रखें।
  • अच्छे साफ-सुथरे कपड़े पहने।
  • रोजाना अपनी स्किल्स को इंप्रूव करने की कोशिश करें।

3. शांत रहें तथा कम बोलें

बोलना जरूरी होता है लेकिन हर जगह बोलना जरूरी नहीं होता है।

हर बात पर अपना रिएक्शन देना जरूरी नहीं है।

जब भी किसी बात का जवाब देना हो तो 5 सेकंड के लिए शांत रहें ऐसा करने से आप स्थिति को समझ पाते हैं।

कभी-कभी जल्दबाजी में हम कुछ ऐसा बोल जाते हैं जिससे सामने वाला दुखी हो जाता है। इससे बचने के लिए बोलने से पहले 5 सेकंड का ब्रेक ले।

4. अपने लक्ष्य के बारे में सोचें

जब भी आप फ्री हो तो जो काम आप करना चाहते हैं उसके बारे में सोचें।

आपके कार्य में कौन-कौन सी परेशानियां हैं तथा उनको कैसे दूर करना है उसके बारे में विचार करें।

ऐसा करके आप नेगेटिव विचारों या फालतू के विचारों से बच सकते हैं।

अपना लक्ष्य हासिल करने में आपको किन किन स्किल्स की जरूरत है तथा उन्हें कैसे इंप्रूव कर सकते हैं इसके बारे में सोचें।

5. अपनी दिनचर्या निर्धारित करें

जब आपकी दिनचर्या निर्धारित होती है और आपको पता होता है कि आपको कौन-कौन से कार्य करने हैं तो आपको उन कार्यों को करने में तकलीफ कम होती है।

जब व्यक्ति को अचानक से कोई कार्य करने के लिए बोला जाता है तो वह हड़बड़ा जाता है तथा मन में विचारों की बाढ़ आ जाती है।

इसलिए रात को सोने से पहले या सुबह उठते ही बिस्तर पर अपनी दिनचर्या बना लें कि आज आपको क्या-क्या करना है।

दिन भर के कार्यों की सूची होने से आप अधिक कार्य करते हैं तथा थकान भी कम होती है।

6. योग तथा मेडिटेशन करें

अपने विचारों को नियंत्रित करने तथा खुद पर विजय पाने का योग तथा मेडिटेशन सबसे बड़ा तरीका बढ़िया तरीका है।

योग तथा मेडिटेशन से रातों-रात असर नहीं पड़ता इसमें थोड़ा समय लगता है।

अगर आप रोजाना योग तथा मेडिटेशन करते हैं तो 3 से 4 महीने में आपको अपने अंदर एक अजीब सी खुशी महसूस होने लगेगी।

वैज्ञानिकों ने भी पाया है कि लंबे समय तक योग तथा मेडिटेशन करने वाले इंसानों को टेंशन बहुत कम होती है।

योग तथा मेडिटेशन से पॉजिटिव विचार आते हैं तथा नेगेटिव विचार आना कम हो जाते हैं।

पढ़े : मैडिटेशन क्या है और मैडिटेशन के 4 प्रकार तथा उनके फायदे

7. अच्छी किताबें पढ़े

जब व्यक्ति के पास कोई नई तथा अच्छी जानकारी नहीं होती है तो उसके मन में विचारों की बाढ़ आ जाती है। इसलिए रोजाना कम से कम आधा घंटा आपको किसी महान व्यक्ति की पुस्तके पढ़नी चाहिए।

आप किसी व्यक्ति की जीवनी या कोई स्किल इंप्रूव करने वाली पुस्तक पढ़ सकते हैं।

किसी व्यक्ति ने कहा है कि किसी महान व्यक्ति के साथ बिताए हुए 10 मिनट, आपके कई महीनों की पढ़ाई के बराबर है।

एक अच्छी पुस्तक आपको उस व्यक्ति के संपूर्ण जीवन का अनुभव दे सकती है उसे आप अपने जीवन में अप्लाई कर सकते हैं।

8. खुद को बिजी रखें

खाली दिमाग शैतान का घर होता है खाली बैठा इंसान उल्टी सीधी बातों के बारे में ही सोचता है।

अगर आप खाली बैठे हैं तो उस समय का सदुपयोग करें जिससे आपका मन इधर-उधर की बातें नहीं सोचेगा।

खाली समय में आप दिमाग की एक्सरसाइज वाले गेम खेल सकते हैं जैसे Chess, English Spelling Game और भी बहुत गेम है।

खाली समय में आप कोई भी अच्छी पुस्तक पढ़ सकते हैं।

खाली समय में आप अपने किसी दोस्त से बात कर सकते हैं।

अपने लक्ष्य के बारे में सोच सकते हैं।

9. अच्छी आदतें बनायें

रोजाना न्यूज़ पेपर पढ़ना, डायरी लिखना या कोई कविता लिखना, बागवानी करना, बालकनी में फूल लगाना, अपने कपड़े खुद धोना आदि।

अच्छी आदतों से आपका मन शांत होता है।

10. रोज किसी अजनबी से बात करें

अपने मन को कभी भी अकेला ना छोड़े उसे किसी ना किसी काम में बिजी रखें।

Self कंट्रोल की इससे बढ़िया तकनीक और कोई नहीं हो सकती है।

ऑफिस आते तथा जाते समय ट्रेन, मेट्रो, बस या ऑटो में बैठे किसी भी अजनबी से बात करने की कोशिश करें।

किसी काम में अपना मन कैसे लगाएं?

जीवन में हमें दो तरह कि लड़ाई लड़नी पड़ती है। एक तो स्वयं से और दूसरी इस संसार से।

अगर आप ऐसा काम करते है जिसे करने में आपका बिल्कुल भी मन नहीं करता तो आपको दोनों लड़ाई लड़नी पड़ेगी लेकिन अगर आप ऐसा काम करते है जिसे करने में आपको आनंद आता है तो आपको वह काम करने के लिए अपने आपको फाॅर्स नहीं करना पड़ता। केवल बाहरी दुनिया से ही लड़ना पड़ता है और आपके जितने के चांस ज्यादा हो जाते है।

तो अगर आप अपने काम में मन लगाना चाहते है। तो सबसे सरल तरीका तो यह है कि आप वही काम करे जिसमें आपका मन लगता है। लेकिन अगर आपके लिए ऐसा करना संभव नहीं हो तो भगवान कृष्ण ने अपने मन पर कैसे Control करे इसके दो तरीके बताये है और वो दो तरीक़े है।

  1. अभ्यास 
  2. वैराग्य

(1) अभ्यास

जब आप ऐसा काम काम करते हैं जिसे करने में आपका मन नहीं लगता है तो आपको अपने मन को पकड़ कर लाना पड़ता है और फिर से अपने काम में लगाना पड़ता है उदाहरण के लिए घोड़े का बच्चा बहुत चंचल होता है। पहली बार घोड़े की सवारी करने के लिए वाहक को कड़ी मशक्कत करनी पड़ती है लेकिन एक बार बस में आने के घोड़ा अपने मालिक के इशारो के अनुसार चलता है। ठीक उसी प्रकार हमारा मन काम करता है।

किसी भी काम में मन लगाने के लिए हमें बहुत अभ्यास करना पड़ता है। यह रातो-रात होने वाला काम नहीं है। इस काम को करने में योग, मैडिटेशन और अच्छी पुस्तकें आपकी सहायता करती है।

(2) वैराग्य

एक बार मन को नियंत्रित करने के बाद फिर से यह गलत रास्ते पर ना चला जाए इसके लिए हमें वैराग्य की जरूरत होती है। वैराग्य का मतलब है मोह, माया, लोभ, काम आदि से दूर रहना। हमारा मन हमेशा इन चीजों की तरफ आकर्षित होता है। लेकिन हमें हमारे मन को समझना होगा कि यह एक मिथ्या है इनका कोई सार नहीं है इसलिए मन को लगातार नियंत्रण में रखने के लिए हमें वैराग्य जीवन को अपनाना होगा।

अपने मन पर Control करने में मेडिटेशन का क्या योगदान है?

मेडिटेशन से आपके मन और दिमाग के बीच दूरी बढ़ जाती है। जिससे आपका दिमाग आपके मन की बातें कम सुनता है। इस बात पर आपका पूरा कंट्रोल हो जाता है जिस कारण आप हल्का महसूस करते हैं और आपके विचारों की गति कम हो जाती है।

उदाहरण के जरिए समझने की कोशिश करते हैं- मान लीजिए आप ट्रैफिक में खड़े हैं तो आपको बहुत बुरा महसूस होगा आपको गुस्सा आएगा और आपको चिड़चिड़ापन हो जाएगा लेकिन इसी ट्रैफिक को आप आसमान में ऊपर से देखें तो आपको अच्छा महसूस होगा। आपकी फीलिंग अलग होगी आपको बिल्कुल भी गुस्सा नहीं आएगा। क्योकि आपके और ट्रैफिक के बीच दूरी है मतलब की आप उस मुसीबत में नहीं है।

यही बात दिमाग और मन पर भी लागू होती है। मेडिटेशन के द्वारा आप इन दोनों के बीच की दूरी को बढ़ा सकते हैं। मेडिटेशन से एकाग्रता बढ़ती है वह इसी वजह से बढ़ती है क्योंकि आपके दिमाग और मन के बीच की दूरी बढ़ जाती है। जब आप कोई काम करते हैं मन लगाकर करते हैं आपके विचार आपको ज्यादा परेशान नहीं करते।

Types of Thoughts विचारों के प्रकार

How to control your mind in hindi

How to control your mind in hindi इससे पहले यह जानना होगा कि हमारे मन में कितने प्रकार के विचार आते है हमने विचारो को दो भागो में बाँटा है।

  1. Structured Pattern of Thinking (नियंत्रित विचार)
  2. Accidental Pattern of Thinking (अनियंत्रित विचार)
नियंत्रित विचार अनियंत्रित विचार
नियंत्रित विचार वह विचार होते हैं जब हम किसी एक विषय के बारे में सोचते हैं जैसे अगर आप गणित की पढ़ाई कर रहे हैं तो केवल आप गणित के सवालों के बारे में सोचें और उसे हल करें अंग्रेजी के विषय के बारे में ना सोचे। अनियंत्रित विचार वह होते हैं जो पल-पल में बदलते रहते हैं तथा अलग-अलग विषय के बारे में आते है।
नियंत्रित विचारों वाला व्यक्ति ही जीवन में जो कुछ कर पाता है। अनियंत्रित विचारों वाले व्यक्ति अपने लक्ष्य से भटक जाते हैं तथा अपने जीवन में कुछ नहीं कर पाते।
नियंत्रित विचारो के व्यक्ति अपने आप को टेंशन से बचा सकते हैं। अनियंत्रित विचारों वाला व्यक्ति जीवन में कुछ हासिल नहीं कर पाते हैं, जिसके कारण टेंशन में आ जाते हैं।
नियंत्रित विचारों वाला व्यक्ति अपने जीवन को कंट्रोल कर सकता है। अनियंत्रित विचारों वाला व्यक्ति अपने जीवन को कंट्रोल नहीं कर पाता है।
ऐसा व्यक्ति अपने विचार खुद बनाते हैं आपको जीवन में क्या करना है उसके आधार पर विचारों को नियंत्रित करते हैं। अनियंत्रित विचार आपके जीवन के अनुभवों के कारण बनते है आप कैसे लोगों के साथ रहते हैं उसके आधार पर बनते हैं।
नियंत्रित विचारों के साथ आप किसी भी चीज के बारे में अधिक से अधिक जान पाते हैं। अनियंत्रित विचारों के कारण आप हमेशा अपने विचारों के बीच गोल गोल घूमते रहते हैं और किसी भी चीज के बारे में अधिक नहीं जान पाते।
नियंत्रित विचारों वाला व्यक्ति अधिक काम करने की कोशिश करते हैं। लेकिन ऐसा व्यक्ति हर चीज में आराम ढूंढता है।
इस प्रकार का व्यक्ति अपने मन की सफाई पर ध्यान देता है। इस प्रकार का व्यक्ति अपने मनोरंजन पर अधिक ध्यान देता है।
नियंत्रित विचारों वाले व्यक्ति कि अगर कोई निंदा करता है तो वह अपना बचाव नहीं करता बल्कि अपनी कमियों को दूर करने की कोशिश करता है। अनियंत्रित विचारों वाला व्यक्ति की जब निंदा करता है तो वह गुस्सा हो जाता है और अपना बचाव करता है और अपनी कमियों को छुपाने की कोशिश करता है।
ऐसा व्यक्ति केवल उन्ही बातों पर विचार करता है जो उसके काम की है। ऐसा व्यक्ति केवल उन्हीं बातों के बारे में विचार करता है तो उसके काम की नहीं है।
ऐसे व्यक्ति के सामने मुसीबत आने पर उसका डटकर सामना करता है। अनियंत्रित विचारों वाले व्यक्ति के सामने मुसीबत आने पर वह उस काम को ही छोड़ देता है और हार मान लेता है।
नियंत्रित विचारों वाले व्यक्ति को किसी बात के बारे में नहीं पता हो तो वह लोगों के सामने अपने आपको छोटा महसूस नहीं करता। लेकिन ऐसे व्यक्ति को अगर कोई बात ना पता हो तो वह लोगों के सामने अपने आपको छोटा महसूस करने लगता है।
ऐसा व्यक्ति हमेशा वर्तमान समय में जीता है अपने काम का ध्यान रखता है भूतकाल की बातों पर ज्यादा ध्यान नहीं देता। ऐसा व्यक्ति ज्यादातर भूतकाल और भविष्य काल की बातें ही सोचता रहता है।
ऐसा व्यक्ति अपने आपको Secure महसूस करता है किसी बात की चिंता नहीं करता है। ऐसा व्यक्ति के पास सबकुछ होते हुए भी Insecure महसूस करता है उसे हमेशा सब कुछ खो जाने का डर लगा रहता है।
नियंत्रित विचारों वाले व्यक्ति को अपनी मनचाही चीजें मिले या ना मिले उसका मन हमेशा शांत रहता है। लेकिन ऐसे व्यक्ति के पास सबकुछ होते हुए भी उसका मन शांत नहीं होता।
नियंत्रित विचारों वाला व्यक्ति हर काम को शांत मन के साथ करता है। ऐसा व्यक्ति प्रत्येक काम अशांति के साथ करता है।
शांत मन वाले व्यक्ति को ज्यादा अच्छे तथा ज्यादा रचनात्मक विचार होते हैं। ऐसे व्यक्ति को बहुत कम या नहीं के बराबर रचनात्मक विचार आते हैं।

How to control your mind in hindi इस लेख में हमने आपको बताया कि दिमाग कैसे काम करता है और दिमाग में आने वाले विचारो को कैसे सही दिशा दे सकते है   दिमाग में किस-किस तरह के विचार आते है संतुलित विचार और असंतुलित विचारो में क्या अंतर है हमें उम्मीद है कि आपके लिए How to control your mind in hindi इस लेख में दी गयी जानकारी लाभदायक साबित होगी

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9 thoughts on “How to control your mind in hindi | 10 आसान तरीके

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    यह लेख लिखना वाला व्यक्ती बहोत महान है।क्युकी साधारण व्यक्ति यह अनमोल जानकारी लिख नही सकता ओ सिर्फ पढ सकता है। धन्यवाद सर🙏🙏👍

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    very nice post bro. keep it up Thanks

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    I want silence ….m bhout problem m rhti hu bss study krne ka kam man krta h bi to itne thought dimag m ate h jese bss headache hone lgta h…kbhi kbhi Bina bat k rone lgte huu ..past ko bhul nhi pate jiska koi vajudh h hi nhi ….or sbse bdi bat na koi freind na koi bf na koi family …bs akle rhne ka man krta h … I m very dipressed

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      Meditation karte rahiye isse aapko bhut fayada hoga

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      AAP KOY ACCHI SANSTHA (TRUST)
      SPIRITUAL TRUST ME JOINT HO JAYE
      SAB SE BAHETAR TARIKHA HAI
      EX:BRAHMAKUMARIS

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