भारत में मिट्टी के प्रकार

किसी भी देश में रोजगार कि उपलब्धता उस देश के वातावरण और मिट्टी पर बहुत निर्भर करता है। यूरोप में कुछ देश ऐसे भी है जहाँ प्रत्येक वर्ष 6 से 8 महीनो तक भयंकर बर्फ गिरती है जिस कारण वहाँ ना तो कोई काम किया जा सकता है और ना ही कोई फसल उगाई जा सकती है।

भारत को कृषि प्रधान देश कहा जाता है। यहाँ अलग-अलग प्रकार कि फसल उगाई जा सकती है क्योंकि यहाँ अलग-अलग प्रकार की मिट्टी पाई जाती है।

भारत में कितने प्रकार कि मिट्टी पाई जाती है Types of soil in hindi यह जानने से पहले हम यह जान लेते है कि मिट्टी कैसे बनती है।

मिट्टी कैसे बनती है

मिट्टी के निर्माण में हजारों सालों का समय लगता है। किसी भी स्थान पर मिट्टी कैसे होगी यह उस स्थान पर स्थित चट्टानों पर निर्भर करता है। चट्टानों के क्षय के कारण ही मिट्टी का निर्माण होता है।

सूर्य कि गर्मी के कारण पहाड़ दिन में फैलते है और रात में सिकुड़ते है ऐसा होने के कारण लंबे समय अन्तराल में पहाड़ कमजोर हो जाते है और भारी बरसात में पत्थर छोटे-छोटे कण में बिखर जाते है।       

इसके बाद पेड़ो कि पत्तिया गलकर मिट्टी के छोटे-छोटे कणों में मिल जाती है और मृत पशु, पक्षी भी मिट्टी में मिल जाते है जिन्हें Humus (ह्यूमस) कहते है जिससे मिट्टी का उपजाऊपन बढ़ जाता है। 

मिट्टी में निम्न तत्व उपस्थित होते है

Sandमिट्टी में उपस्थित बड़े-बड़े कण, इन कणों में space ज्यादा होने के कारण ये न्यूट्रीएन्ट को स्टोर नही कर सकते  
Siltमध्यम आकार के कण
Clayबहुत छोटे आकार के कण, कणों में space कम होने के कारण ये न्यूट्रीएन्ट को स्टोर कर सकते है  
मिनरल्सफास्फोरस, आयरन, पोटेशियम, एलुमिनियम    
ह्यूमस (Humus)मृत पेड़-पौधे, पशु-पक्षी आदि, ह्यूमस मिट्टी के उपजाऊपन को बढाता है    
गैसमिट्टी में उपस्थित ऑक्सीजन और नाईट्रोजन फसल के लिए काफी जरुरी है   
पानीपानी के द्वारा ही पौषक तत्व पौधों में पहुँचते है  

मिट्टी में उपस्थित इन्ही तत्वों के मिश्रण में जब बदलाव होता है तो मिट्टी के गुणों में भी बदलाव होता है।

भारत में कितने प्रकार की मिट्टी है Types of soil in hindi

  1. जलोढ़ मिट्टी Alluvial Soil
  2. काली मिट्टी Black Soil
  3. लाल मिट्टी Red Soil
  4. लैटराइट मिट्टी Laterite Soil
  5. मरूस्थलीय मिट्टी Desert Soil

1. जलोढ़ मिट्टी Alluvial Soil

भारत के 45% भू-भाग पर जलोढ़ मिट्टी पाई जाती है यह मिट्टी सबसे अधिक उपजाऊ होती है।

नदियों के किनारे यह मिट्टी अधिक पाई जाती है। इस मिट्टी का निर्माण नदियों के द्वारा पहाड़ को काटने से होता है। यह मिट्टी मुख्य रुप से सिन्धु, गंगा और ब्रह्मपुत्र नदियों के द्वारा लाई जाती है तथा पूर्वी तटीय मैदानों में कृष्णा, गोदावरी, कावेरी और महानदी के डेल्टा पर भी पाई जाती है।

भारत में जलोढ़ मिट्टी मुख्य रुप से उतरप्रदेश, बिहार, पश्चिम बंगाल तथा उड़ीसा और आंध्रप्रदेश के समुंद्र तटीय इलाकों में यह देखने को मिलती है।

इस मिट्टी में होने वाली प्रमुख फसल गेहू, चावल, गन्ना आदि है।

जलोढ़ मिट्टी के दो प्रकार होते है

  • खादर
  • बांगर

1. खादर

नदियों के किनारे जो नई मिट्टी पाई जाती है उसे खादर मिट्टी कहते है

2. बांगर

नदियों के साथ आई हुई मिट्टी सालों के बाद पुरानी हो जाती है उस पुरानी मिट्टी को बांगर कहते है।

2. काली मिट्टी Black Soil

इस मिट्टी का निर्माण ज्वालामुखी के कारण हुआ है इस कारण इसका रंग काला होता है इसे rugur मिट्टी भी कहते है।

काली मिट्टी में मुख्य रुप से कपास कि फसल उगाई जाती है क्योंकि इस मिट्टी में नमी को रोकने के क्षमता अधिक होती है इसके अलावा गन्ना, केला, ज्वार, तंबाकू, मूँगफली आदि की फसल भी उगाई जाती है।

मुख्य रुप से यह मिट्टी महाराष्ट्र में के दक्कन के पठार के इलाके में पाई जाती है।

3. लाल मिट्टी Red Soil

लाल मिट्टी का निर्माण ग्रेनाइट चट्टानों के अपक्षय के कारण होता है इसमें लोह तत्व (आयरन) की अधिकता होती है। जिस कारण इसका रंग लाल होता है।

यह मिट्टी मुख्य रूप से मध्य-प्रदेश, दक्षिणी उत्तर प्रदेश, छोटा नागपुर के पठार, और पश्चिम बंगाल में पाई जाती है।

इस मिट्टी में मुख्य रुप से चावल, ज्वार-बाजरा, मक्का, मूंगफली आदि कि फसल उगाई जाती है।

4. लैटराइट मिट्टी Laterite Soil

यह मिट्टी अत्यधिक तापमान तथा अधिक वर्षा के कारण चट्टानों के अपक्षय से बनती है।

यह मिट्टी मुख्य रुप से अधिक वर्षा वाले स्थान जैसे कर्नाटक, केरल, तमिलनाडु, महाराष्ट्र, मेघालय के पहाड़ी क्षेत्रों पाई जाती है।

इस मिट्टी में काजू, कहवा और मसालों कि खेती होती है।

इस मिट्टी में एल्युमीनियम और लोहे के ऑक्साइड पाए जाते है जिस कारण इस मिट्टी का रंग लाल-भूरा होता है।

5. मरूस्थलीय/रेतीली मिट्टी Desert Soil

मुख्य रुप से राजस्थान, पंजाब और हरियाणा में मरूस्थलीय मिट्टी पाई जाती है।

इस मिट्टी में ह्यूमस की मात्रा बहुत कम होती है इस कारण यह बहुत कम उपजाऊ होती है उर्वरक और पानी डालकर इस मिट्टी को उपजाऊ बनाया जा सकता है।

मरूस्थलीय मिट्टी उन स्थानों पर पाई जाती है जहाँ अधिक गर्मी पड़ती है और पानी की कमी होती है।  

मरूस्थलीय मिट्टी में मुख्य रुप से बाजार, दलहन और चारे कि फसल उगाई जाती है।

एग्जाम में पूछे जाने वाले महत्वपूर्ण प्रश्न और उत्तर

Q1. ऐसी कौनसी मिट्टी है जिसमे सूखने पर क्रैक या दरार पड़ जाती है?

  • A. लाल मिट्टी
  • B जलोढ़ मिट्टी
  • C रेतीली मिट्टी
  • D काली मिट्टी

उत्तर : D काली मिट्टी

Q2. सबसे अधिक लोह तत्व किस मिट्टी में पाया जाता है?

  • A. लाल मिट्टी
  • B जलोढ़ मिट्टी
  • C रेतीली मिट्टी
  • D काली मिट्टी

उत्तर : लाल मिट्टी (अधिक लोह तत्व के कारण ही इसका रंग लाल होता है)

Q3. Rugur किस मिट्टी को कहा जाता है?

  • A. लाल मिट्टी
  • B जलोढ़ मिट्टी
  • C काली कॉटन मिट्टी
  • D लैटराइट मिट्टी

उतर : C काली कॉटन मिट्टी

Q4. मिट्टी के निर्माण के लिए जरुरी तत्व कौनसा होता है?

  • A मौसम में बदलाव
  • B हजारों वर्ष  
  • C बायोलॉजिकल क्रियाये
  • D उपरोक्त सभी

उतर : D उपरोक्त सभी

निष्कर्ष

इस आर्टिकल में आपने Types of soil in hindi के बारे में जाना भारत विवधताओ वाला देश है इस कारण यहाँ प्रत्येक राज्य में अलग-अलग प्रकार की मिट्टी पाई जाती है।  

अलग-अलग मिट्टी में अलग-अलग प्रकार की फसल उगाई जाती है।

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