आज्ञा चक्र : लोकेशन, मैडिटेशन, रंग, कार्य, जाग्रत करने के तरीके

अगर आपको चाहते है कि आपको आगामी जीवन की घटनाओं का पूर्वाभास हो, दूसरे लोगों की माइंड रीडिंग करना चाहते है, नये-नये अविष्कार करने की क्षमता पैदा करना चाहते है तो आपको अपना आज्ञा चक्र जरुर जाग्रत करना चाहिए। वैज्ञानिको का Third eye chakra (आज्ञा चक्र) जाग्रत होता है इसी कारण वो नये-नये अविष्कार कर पाते है। आज्ञा चक्र को sixth sense भी कहा जाता है।  

इस आर्टिकल में आपको आज्ञा चक्र के बारे में पूरी जानकारी मिलेगी। जैसे आज्ञा चक्र कहाँ स्थित होता है? आज्ञा चक्र कैसे काम करता है? आज्ञा चक्र जाग्रत होने के फायदे क्या-क्या है? आज्ञा चक्र जाग्रत ना होने के नुकसान क्या-क्या है? आज्ञा चक्र जाग्रत होने के लक्षण (Symtoms) क्या-क्या है?

आज्ञा चक्र Third Eye Chakra in Hindi

नामआज्ञा चक्र
रंगइंडिगो/Midnight Blue 
आकृति2 पंखुड़ियों वाला कमल का फूल
स्थानदोनों आँखों के बीच में
प्रतीकभविष्य की घटनाओ का पूर्वाभास होना
आज्ञा चक्र से जुड़े शारीरिक अंगदिमाग, न्यूरोलॉजिकल सिस्टम, आँखे, कान, नाक, पिट्यूटरी ग्रंथि, पीनियल ग्रंथि आदि।   

आज्ञा चक्र के जाग्रत होने के फायदे

जिस व्यक्ति का आज्ञा चक्र जाग्रत होता है उसे निम्न फायदे होते है–

  • व्यक्ति को भविष्य की घटनाओ का पूर्वाभास होने लगता है। यह पूर्वाभास उसे सपने के द्वारा या और किसी दूसरे तरीके से हो सकता है।
  • व्यक्ति अपने विचारों को अच्छी तरह से कण्ट्रोल कर सकता है।
  • ऐसे व्यक्ति का दिमाग किसी भी प्रॉब्लम का हल निकलने में सक्षम होता है। इसी कारण जाग्रत आज्ञा चक्र वाला व्यक्ति नये-नये अविष्कार और नये-नये बिज़नेस का सृजन कर सकता है।
  • जिस व्यक्ति का आज्ञा चक्र जाग्रत होता है। वह टेलीपेथी (Telepathy) भी कर सकता है। टेलीपेथी के द्वारा एक व्यक्ति अपने विचारों को दूसरे शहर में बैठे व्यक्ति तक बिना कोई बात किये पहुंचा सकता है। (मोबाइल से बात करने की जरुरत नही पड़ती)
  • ऐसा व्यक्ति किसी भी दूसरे व्यक्ति का दिमाग पढ़ सकता है। अगर कोई व्यक्ति उसे धोखा देना चाहे तो भी नही दे सकता।
  • व्यक्ति में खुद के शरीर में स्थित किसी भी प्रकार की बीमारी को ठीक करने की क्षमता आ जाती है।     
  • व्यक्ति में डर का भाव ख़त्म हो जाता है और व्यक्ति हमेशा खुश और आन्नदित रहता है।

आज्ञा चक्र के जाग्रत ना होने से नुकसान

आज्ञा चक्र के जाग्रत ना होने से बहुत प्रकार के शारीरिक और मानसिक नुकसान होते है जिनकी जानकारी विस्तार से नीचे दी गयी है।

शारीरिक नुकसान

  • व्यक्ति को आँखों से सम्बंधित समस्या हो सकती है। व्यक्ति अंधा या ज्योति कमजोर हो सकती है।
  • सिर दर्द, कानो से सम्बंधित कोई समस्या, नाक से सम्बंधित कोई समस्या हो सकती है।

मानसिक नुकसान

  • रात्रि में डरावने सपने आना, ठीक से नींद नही आना, किसी अनजान जीज़ का डर लगना, घबराहट होना, तनाव ग्रस्त होना तथा दिमाग से सम्बंधित भी कोई समस्या हो सकती है।
  • व्यक्ति में निर्णय लेने की क्षमता खत्म हो जाती है।
  • व्यक्ति समय का पाबंद नही होता तथा प्रत्येक काम समय निकल जाने के बाद करता है।
  • व्यक्ति हमेशा कंफ्यूज रहता है तथा भावनात्मक रूप से बहुत कमजोर होता है।
  • आज्ञा चक्र से जुड़े शारीरिक अंग
  • दिमाग, न्यूरोलॉजिकल सिस्टम, आँखे, कान, नाक, पिट्यूटरी ग्रंथि, पीनियल ग्रंथि आदि।  

आज्ञा चक्र को जाग्रत करने के तरीके

आज्ञा चक्र को जाग्रत करने के बहुत सारे तरीके है। ये सभी तरीके बहुत ही आसान है। ये सभी तरीके आप बिना किसी की मदद के अपने घर पर कर सकते है।

1. Third eye मैडिटेशन (आज्ञा चक्र पर ध्यान करें)

किसी भी चक्र को जाग्रत करने का सबसे पावरफुल तरीका मैडिटेशन है। प्रत्येक चक्र को जाग्रत करने के लिए अलग-अलग मंत्र का उच्चारण करना होता है। आज्ञा चक्र को जाग्रत करने के लिए “ओम” (Ohm) मंत्र का उच्चारण करना होता है। आपको रोजाना 108 बार या 21 बार “ओम” मंत्र का उच्चारण करना है।  

Third eye मैडिटेशन के लिए आपको अपने आज्ञा चक्र पर ध्यान लगाना होता है। ध्यान लगाते समय आपको यह महसूस करना है कि आपका आज्ञा चक्र क्लॉक वाइज घूम रहा है और उसकी शक्तियां जाग्रत हो रही है।

2. अपने सपनो और विचारों पर ध्यान दें

आज्ञा चक्र को जाग्रत करने का एक तरीका यह भी है कि आप अपने दिमाग में चल रहे फालतू के विचारों को बंद कर दे या विचार पैदा होने की गति कम कर दें क्योंकि जब आपके दिमाग में विचारों की संख्या कम होगी तभी आपका दिमाग आज्ञा चक्र की शक्ति को महसूस कर पाएगा।

3. रेकी मास्टर के द्वारा

अगर किसी व्यक्ति का आज्ञा चक्र बहुत ज्यादा imbalance है तो आप रेकी मास्टर की मदद ले सकते है। रेकी मास्टर चेक करके यह बता सकते है कि आपका आज्ञा चक्र कितना जाग्रत है और वे अपनी मैडिटेशन पॉवर के द्वारा आपके आज्ञा चक्र को जाग्रत कर सकते है।

4. आयल थेरेपी के द्वारा

आज्ञा चक्र को जाग्रत करने के लिए बहुत सारे आयल है जिनकी आज्ञा चक्र पर मसाज की जाती है। ये आयल आज्ञा चक्र की शक्ति को जाग्रत करने में काफी मदद करते है। आज्ञा चक्र के लिए निम्न आयल काम में लिए जाते है। ये सभी आयल आप ऑनलाइन खरीद सकते है।   

Elemi, Frankincense, Helichrysum, Juniper, Marjoram, Patchouli, Rosemary, Sandalwood, Vetiver

इसके अलावा आज्ञा चक्र को जाग्रत करने के लिए चन्दन और रोली का टिका भी लगाया जाता है।

5. क्रिस्टल थेरेपी के द्वारा

क्रिस्टल एक प्रकार का पत्थर होता है लेकिन यह साधारण पत्थर से अलग होता है। जिसको आज्ञा चक्र पर रखा जाता है और मैडिटेशन किया जाता है क्रिस्टल थेरेपी के लिए निम्न क्रिस्टल काम में लिए जाते है।

Amethyst, Blue Quartz, Charoite, Kyanite, Lepidolite, Purple Flourite, Sodalite, Sugilite

6. आज्ञा चक्र को जाग्रत करने के लिए affirmation

आज्ञा चक्र को जाग्रत करने के लिए जो affirmation आपको नीचे बताये गये है आपको रोजाना सुबह और रात को सोने से पहले दोहराने होते है। तभी आप इनका सही से फायदा उठा सकते है।  

  • मैं अपने सपनो पर भरोसा करता हूँ तथा मुझे खुद पर पूरा भरोसा है कि मैं अपने सपनो को पूरा कर सकता हूँ।  
  • मैं जीवन में नई संभावनाओ को देखने की कोशिश करता हूँ तथा नई बातो को स्वीकार भी करता हूँ।
  • अपने अन्दर की आवाज (Intuition) को सुनने की कोशिश करता हूँ उसे नकारता नही (मतलब जब भी हम किसी काम को करने जाते है तब हमारे अंदर से एक आवाज आती है या आभास होता है कि हमें वह काम करना चाहिए या नही उस आवाज को सुनने की कोशिश करें)
  • मैं अपने भूतकाल से सीखता हूँ और उस सीख के साथ आगे बढ़ता हूँ।

7. कलर थेरेपी के द्वारा

जैसा कि आप जानते है कि प्रत्येक चक्र का अलग-अलग रंग होता है इसलिए आपको जो चक्र जाग्रत करना हो आपको उसी चक्र के रंग का ज्यादा से ज्यादा इस्तेमाल करना चाहिए इसलिए आज्ञा चक्र के लिए आप गहरे नीले रंग के कपड़े पहन सकते है, गहरे नीले रंग के फल-फ्रूट खा सकते है तथा गहरे नीले रंग की बोतल को पीने के पानी के लिए इस्तेमाल कर सकते है।

आज्ञा चक्र के जाग्रत होने के लक्षण (Symptoms) 

आज्ञा चक्र जाग्रत होने के निम्न लक्षण है –

  • आज्ञा चक्र पर मतलब दोनों आँखों के मध्य भारीपन या तनाव महसूस होना।
  • आँखों की ज्योति का अचानक बढ़ जाना।
  • खुद के विचारों में बदलाव या ठहराव महसूस होना।
  • भविष्य की घटनाओं का पूर्वाभास होना जैसे सपने में किसी घटना का दिखना और फिर उसका सच हो जाना।

इस आर्टिकल में आपने आज्ञा चक्र से जुडी तमाम जानकारी हासिल की है मुझे उम्मीद है कि आपको यह जानकारी पसंद आई है हमारे शरीर में स्थित 7 चक्रों से जुड़ी जानकारी आप नीचे दिए गये लिंक से ले सकते है।  

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