मणिपुर चक्र : लोकेशन, रंग, हीलिंग, मुद्रा, मैडिटेशन, कार्य, जाग्रत कैसे करें

अगर आपको जीवन में मान सम्मान, इज्जत और धन कमाना हो तो आपको अपने मणिपुर चक्र को जरुर जाग्रत करना करना चाहिए क्योंकि ये सारी बातें मणिपुर चक्र के साथ ही जुड़ी हुई है। मणिपुर शब्द दो शब्दों से मिलकर बना होता है मणि का अर्थ होता होता है “गहना या मोती” तथा पुर का अर्थ होता है “स्थान”। इसलिए इस चक्र को धन अथवा ज्ञान का प्रतीक माना जाता है।  

Solar plexus को मणिपुर चक्र कहा जाता है। मणिपुर चक्र हमारी नाभि के 2 इंच ऊपर स्थित होता है। यह पीले रंग का होता है और इसे 10 पंखुड़ियों वाले कमल के फूल से प्रदर्शित किया जाता है।

मणिपुर चक्र हमारे शरीर में ऊर्जा का पॉवर हाउस है। इस आर्टिकल में आपको मणिपुर चक्र से जुड़ी सारी जानकारी मिलेगी। जैसे मणिपुर चक्र का क्या काम होता है? मणिपुर चक्र कहाँ स्थित होता है? मणिपुर चक्र को जाग्रत या हीलिंग कैसे करें? मणिपुर चक्र जाग्रत होने के symstoms (लक्षण) क्या होते है? मणिपुर चक्र का symbol क्या होता है? मणिपुर चक्र के ब्लाक होने पर क्या नुकसान हो सकते है?

हमारे शरीर में मौजूद 7 चक्रों की लोकेशन, रंग, कार्य, मैडिटेशन, जाग्रत करने के तरीके के बारे में विस्तार से आर्टिकल लिखा है अगर आपने उसे नहीं पढ़ा है तो जरुर पढ़े

Table of Contents

मणिपुर चक्र Introduction of Solar Plexus Chakra in hindi

नाममणिपुर चक्र
रंगपीला Yellow
आकृति10 पंखुड़ियों वाला पीला कमल का फूल
स्थाननाभि से 2 इंच ऊपर
प्रतीकधन सम्पदा का प्रतीक (सूर्य देव का प्रतीक)
मणिपुर चक्र से जुड़े शारीरिक अंगऊपरी पेट का हिस्सा, लिवर, ब्लैडर, रीड की हड्डी का मध्य हिस्सा, प्लीहा, किडनी, छोटी आंत आदि।    

मणिपुर चक्र के जाग्रत होने के फायदे

जिस व्यक्ति का मणिपुर चक्र जाग्रत होता है उसे निम्न फायदे होते है –

  • ऐसे व्यक्ति को जीवन में कभी भी मान, सम्मान, धन-संपदा की कमी नही होती। व्यक्ति को परिवार और समाज में सम्मान की निगाह से देखा जाता है।   
  • मणिपुर चक्र जाग्रत व्यक्ति जीवन में उच्च पद की प्राप्ति करता है।
  • व्यक्ति धन को आकर्षित करने वाले चुम्बक की तरह हो जाता है जो भी काम को करने का निर्णय लेता है उन सभी में सफल होता है।
  • व्यक्ति को ज्ञान प्राप्त करने की लालसा रहती है।
  • व्यक्ति का कॉमन सेंस अच्छा रहता है। व्यक्ति हमेशा हंसी मजाक करने वाले स्वभाव का होता है।
  • व्यक्ति का खुद पर आत्मनियंत्रण होता है।
  • पेट से सम्बंधित कोई भी समस्या नही होती।  

मणिपुर चक्र जाग्रत नही होने से नुकसान

मणिपुर चक्र जाग्रत ना होने से मानसिक और शारीरिक प्रकार की समस्याएँ हो सकती है। जो कि निम्न है-

शारीरिक समस्याएं

  • पेट से सम्बंधित कई प्रकार की समस्याए जैसे खाना ना पचना, मोटापा होना, शुगर की समस्या, छोटी और बड़ी आंत से सम्बंधित समस्या, लीवर की समस्या आदि।
  • हेपेटाईटिस की समस्या होना।

मानसिक समस्याए

  • मणिपुर चक्र जाग्रत ना होने से सबसे बड़ी मानसिक समस्या कॉन्फिडेंस (आत्मविश्वास) की होती है। व्यक्ति में किसी भी काम को करने का आत्मविश्वास नही होता है।
  • व्यक्ति में आत्मविश्वास की कमी होती है। जिस कारण वह नए लोगो से मिलने से डरता है अथवा नए लोगो के सामने घबरा जाता है।  
  • दुसरे लोगो के सामने खुद के छोटेपन का अहसास होता है।
  • किसी भी काम को करने से पहले ही असफलता का डर सताने लगता है।
  • जल्दी गुस्सा हो जाना और फिर जल्दी नार्मल हो जाता है।
  • जीवन में आशा और मोटिवेशन की कमी होती है।

मणिपुर चक्र जाग्रत करने के तरीके

मणिपुर चक्र जाग्रत होने से व्यक्ति को क्या-क्या फायदे होते है। इसके बारे में मैंने आपको विस्तार से बता दिया है। चलिए अब जानते है कि ऐसे कौन-कौन से तरीके है जिनकी मदद से आप अपने मणिपुर चक्र को जाग्रत कर सकते है।

1. कपालभाति के द्वारा मणिपुर चक्र को जाग्रत करें

कपालभाति मणिपुर चक्र को जाग्रत करने का सबसे आसान और बढ़िया तरीका है। कपालभाति से आपको अनगिनत फायदे होते है। यह पेट से सम्बंधित सभी प्रकार की समस्याओ को जड़ से ख़त्म कर देता है। जैसे खाना ना पचने की समस्या, छोटी और बड़ी आंत से सम्बंधित समस्या, गैस की समस्या आदि।     

कपालभाति से आत्म विश्वास बढ़ता है इसलिए पुरुष को रोजाना 300 स्ट्रोक और महिला को 200 स्ट्रोक कपालभाति जरुर करना चाहिए।

2. सूर्य ऊर्जा के द्वारा मणिपुर चक्र को जाग्रत करें

मणिपुर चक्र को सूर्य भगवान का प्रतीक माना जाता है क्योंकि यह पीले रंग का होता है। इसलिए सूर्य भगवान के दर्शन करने पर यह चक्र जाग्रत रहता है।

हमेशा सुबह के समय उगते हुए सूर्य को कम से कम 10 मिनट तक रोज देखना चाहिए और सूर्य भगवान से जीवन में मान सम्मान और यश प्राप्ति की प्रार्थना करनी चाहिए तथा सूर्य के प्रकाश को अपने अंदर समाते हुए महसूस करना चाहिए।    

3. सूर्य देव के मंत्र जाप के द्वारा मणिपुर चक्र को जाग्रत करें

जैसा कि मैंने आपको बताया मणिपुर चक्र को सूर्य भगवान का प्रतीक माना जाता है इसलिए इस चक्र को जाग्रत करने के लिए आपको रोजाना सूर्य भगवान के मंत्र का जाप करना चाहिए।

सूर्य देव का मंत्र है –  

ओम आदित्याय विद्महे, दिवाकराय धीमहि, तन्नो सूर्य: प्रचोदयात

4. सूर्य नमस्कार के द्वारा मणिपुर चक्र को जाग्रत करें

सूर्य नमस्कार पेट से सम्बंधित सभी प्रकार की समस्याओं को ठीक कर देता है और यह मणिपुर चक्र को जाग्रत करने में भी काफी सहायता करता है। सूर्य नमस्कार से सिर दर्द, तनाव, चिंता और रीड की हड्डी में कोई प्रॉब्लम हो तो उससे भी छुटकारा मिलता है।

5. सूर्य देव को जल अर्पण के द्वारा मणिपुर चक्र को जाग्रत करें

हिन्दू धर्म में सूर्य देवता को जल अर्पित करने के बारे में बताया गया है लेकिन क्या आपको इसके पीछे का रहस्य पता है चलिए मैं बताता हूँ।

सुबह के समय सूर्य की तरफ मुख करके किसी गिलास नुमा बर्तन में सूर्य को जल अर्पित किया जाता है। जल अर्पित करते समय गिलास को अपने दोनों हाथो से पकड़कर अपने सिर के ऊपर ले जाकर सामने की तरफ एक धारा के रूप में जल अर्पित किया जाता है।

ऐसा करने के पीछे का रहस्य यह होता है कि हमारे शरीर में सात चक्र होते है और जब जल पर सूर्य का प्रकाश पड़ता है तो उसमे से सात रंग निकलते है और वो सातों रंग जब हमारे शरीर पर पड़ते है तो हमारे सभी चक्रों को जाग्रत करते है।

सूर्य देव को जल अर्पण करना ही केवल एक मात्र ऐसा तरीका है जिसके द्वारा सभी चक्रों को एक साथ जाग्रत किया जा सकता है।

6. मणिपुर चक्र जाग्रत करने के लिए Affirmations

  • मैं साहसी और आत्मविश्वास से परिपूर्ण हूँ।
  • मैं अपने आप से प्रेम करता हूँ और खुद का सम्मान करता हूँ।
  • मैं सूर्य देव का बहुत सम्मान करता हूँ और उनका आशीर्वाद हमेशा मेरे ऊपर बना रहता है।
  • मेरे अंदर भरपूर आत्मविश्वास है और मैं किसी भी परिस्थिति का सामना करने के लिए हमेशा तैयार रहता हूँ।
  • संसार में मेरा बहुत मान सम्मान, यश है और मेरे पास बहुत धन है।  
  • मैं अपने फैसले खुद लेता हूँ।
  • मैं अपने जीवन में हर चीज को नियंत्रण में रखने की कोशिश नही करता।  

7. रेकी के द्वारा मणिपुर चक्र को जाग्रत करें

कौनसा चक्र कितना जाग्रत है यह जानने के लिए आप किसी रेकी मास्टर की भी मदद ले सकते है। रेकी मास्टर चेक करके बता सकते है कि आपका कौनसा चक्र कितना जाग्रत है और कितना नही।

इसलिए अगर आपको जल्दी अपना मणिपुर चक्र जाग्रत करना हो तो आप किसी रेकी मास्टर की मदद ले सकते है। वे अपने मंत्रों और मैडिटेशन की पॉवर से आपके किसी भी चक्र को जाग्रत कर सकते है।

8. पीले रंग के भोजन के द्वारा

जैसा कि आप जानते है कि मणिपुर चक्र पीले रंग का होता है इसलिए इस चक्र को जाग्रत करने के लिए आप पीले रंग के भोजन का सेवन भी कर सकते है। जैसे केला, पीले रंग की मीर्च, पपीता, गेहूं तथा अन्य फल-फ्रूट जो पीले रंग के होते है।

इसके अलावा आप पीले रंग की कांच की बोतल का पानी भी सकते है जैसे पीले रंग की बोतल को सूर्य की रोशनी में रख दे और फिर उसी पानी का सेवन करें।   

9. मणिपुर चक्र जाग्रत करने के लिए मंत्र जाप

हमारे शरीर में स्थित प्रत्येक चक्र को जाग्रत करने के अलग-अलग मंत्र होते है। मणिपुर चक्र को जाग्रत करने के लिए “रमं” (RAM) मंत्र होता है।

इस मंत्र का आपको रोजाना 108 बार या 21 बार जाप करना चाहिए और जाप करते समय आपको अपना ध्यान अपने मणिपुर चक्र पर रखना चाहिए। अगर आप ऐसा करते है तो 10 से 15 दिनों में आपको इसका असर दिखना शुरू हो जायेगा।     

महत्वपूर्ण प्रश्न और उत्तर

Q 1. मणिपुर चक्र को जाग्रत होने में कितना समय लगता है?

उत्तर : प्रत्येक व्यक्ति को मणिपुर चक्र जाग्रत करने में अलग-अलग समय लगता है क्योंकि किसी का मणिपुर चक्र ज्यादा imbalace होता है और किसी का कम। इसलिए आप मणिपुर चक्र को जाग्रत करने के लिए जो तरीके बताये गये है उन्हें रोजाना फॉलो करें। लेकिन साधारण तौर पर नार्मल व्यक्ति का मणिपुर चक्र 3 से 6 महीने में जाग्रत हो जाता है।   

Q 2. मणिपुर चक्र का प्रमुख कार्य क्या है?

उत्तर : मणिपुर चक्र प्रत्येक व्यक्ति के जीवन में धन दौलत, मान-सम्मान, यश, कीर्ति, वैभव तथा सरकारी नौकरी में उच्च पद के लिए उत्तरदायी होता है। जिस व्यक्ति का यह मणिपुर चक्र जाग्रत होता है उसे इन सभी चीजो की प्राप्ति होती है।

मुझे उम्मीद है कि आपको मणिपुर चक्र (Manipur chakra in hindi) के बारे में दी गयी जानकारी पसंद आई होगी। और सभी चक्रों के बारे में जानकरी का नीचे लिंक दिया गया है।  

Q 3. क्या मणिपुर चक्र को जाग्रत करने के लिए पीले रंग के कपड़े पहन सकते है?

उत्तर : जी हाँ! जैसा कि आपको पता है मणिपुर चक्र का रंग पीला होता है तो इस कारण आप जितना अधिक पीले रंग का इस्तेमाल करेंगे उतना ही बेहतर होगा जैसे पीले रंग के वस्त्र पहले, पीले रंग का भोजन और फल फ्रूट खाए, पीले रंग की बोतल में पानी पिए, पीले रंग के आभूषण और पत्थरों को पहन सकते है।              

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