Trademark kya hota hai | © ℗ ® ™ सिंबल का मतलब

Trademark kya hota hai : मार्केट में से बहुत सारी ब्रांड है जिनका logo देखते ही आप समझ जाते हैं कि यह कौन सी कंपनी है क्या आप जानते हैं कि इनको ट्रेडमार्क कहते हैं।

आज इस आर्टिकल में हम यही जानेंगे कि Trademark kya hota hai ट्रेडमार्क क्या होता है, ट्रेडमार्क कितने वर्षों के लिए मिलता है, ट्रेडमार्क, पेटेंट तथा कॉपीराइट में क्या अंतर होता है, ट्रेडमार्क के क्या फायदे हैं, ट्रेडमार्क कौन ले सकता है और भी बहुत कुछ।

Trademark kya hota hai ट्रेडमार्क क्या होता है

ट्रेडमार्क एक बौद्धिक संपदा है जिसके द्वारा प्रत्येक कंपनी खुद के लिए logo, Symbol, या tag लाइन का निर्धारण करती है। जिसका इस्तेमाल वह कंपनी अपने प्रोडक्ट तथा मार्केटिंग के लिए करती है।

कोई भी अन्य व्यक्ति किसी दूसरी कंपनी के ट्रेडमार्क का इस्तेमाल नही कर सकता।

उदाहरण

प्रत्येक देश में प्रत्येक शहर तथा प्रत्येक गांव का अलग-अलग पिन कोड होता है पिन कोड की सहायता से ही हम अपनी डाक को एक स्थान से दूसरे स्थान पर भेज सकते हैं।

जिस प्रकार अलग-अलग पिन कोड बनाकर प्रत्येक गांव को अलग-अलग पहचान दी गई है। उसी प्रकार प्रत्येक कंपनी तथा प्रोडक्ट को अलग-अलग पहचान देने के लिए ट्रेडमार्क का इस्तेमाल किया जाता है।

अगर कोई व्यक्ति या कंपनी किसी दसरे व्यक्ति या कंपनी के ट्रेडमार्क इस्तेमाल करता है तो यह कानूनन अपराध है। ऐसा करने पर कानून के द्वारा उसे सजा भी दी जा सकती है।

ट्रेडमार्क, पेटेंट तथा कॉपीराइट में अंतर

पेटेंट क्या होता है

जो आईडिया आपके दिमाग में आया है वही आईडिया किसी और के दिमाग में भी आ सकता है लेकिन वह आइडिया उसी का माना जाएगा जो उसे पहले पेटेंट करवाएगा।

पेटेंट किसी नए आविष्कार या आईडिया के लिए दिया जाता है।

उदाहरण

मार्केट में अभी तक कैंसर के पूर्णत: इलाज के लिए कोई दवा मौजूद नहीं है। माना कोई कंपनी ABC जो दवा बनाती है वह ऐसी दवा खोज लेती है जिससे कैंसर को पूरी तरह ठीक किया जा सके तो ABC कंपनी उस दवा को पेटेंट करवा सकती है।

पेटेंट की अवधि 20 वर्षों तक होती है।

मतलब 20 वर्षों तक उस दवा का निर्माण सिर्फ ABC कंपनी ही कर सकती है। अगर कोई दूसरी कंपनी उस दवा को बनाकर बाजार में बेचती है तो उस पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

पेटेंट करवाने के लिए जरूरी है कि आप का आविष्कार यूनिक तथा यूज़फुल होना चाहिए।

USPTO (United States Patent and Trademark Office) के अनुसार पेटेंट का कोई सिंबल नहीं होता है सिर्फ “Patented” लिखा जाता है।

पेटेंट से क्या फायदा होता है

पेटेंट का फायदा यह है कि जो भी व्यक्ति या कंपनी किसी आईडिया को पेटेंट करवाता है सिर्फ वही उसकी मैन्युफैक्चरिंग कर सकता है। 

तथा उससे होने वाली सारी आमदनी भी उसी कंपनी की होगी।

अगर वह कंपनी परमिशन देती है तो ही दूसरी कंपनी उस प्रोडक्ट को बना सकती है।

पेटेंट को बेचा जा सकता है तथा ट्रांसफर भी किया जा सकता है।

पेटेंट कितने प्रकार के होते हैं

पेटेंट 3 तरह के होते हैं।

1. Utility Patent

किसी भी प्रकार की नई मशीन, प्रोडक्ट का कच्चा माल, किसी प्रोडक्ट का मिश्रण, इसके अलावा फाइबर, ऑप्टिक्स, कंप्यूटर आदि में सुधार करना, दवाइयां, आदि का पेटेंट Utility पेटेंट के तहत किया जाता है।

2. Design Patent

डिजाइन पेटर्न्स किसी भी नए प्रोडक्ट की डिजाइन को गैरकानूनी इस्तेमाल करने से रोकता है जैसे किसी गाड़ी का डिजाइन, मोटरसाइकिल का डिजाइन, स्पोर्ट्स शूज का डिजाइन, कार्टून करैक्टर का डिजाइन आदि।

3. Plant Patent

इस पेटेंट के द्वारा नए तरीके से तैयार किए गए पौधों की वैरायटी को पेटेंट किया जाता है जैसे हाइब्रिड फल तथा हाइब्रिड पोधे।

किन चीजों को पेटेंट नहीं करवा सकते

तीन चीजें है जिनका पेटेंट नहीं करवा सकते।

  • प्रकृति के नियम – हवा, ग्रेविटी
  • नेचुरल चीजें – मिट्टी, पानी, पहाड़
  • Abstract आइडिया – Maths, Chemistry की कोई फिलोसोफी

कॉपीराइट © क्या होता है

कॉपीराइट का सिंबल © होता है

कॉपीराइट भी इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी है जो कि म्यूजिक, राइटिंग, लेखन, आर्ट से जुड़ी चीजों के लिए दिया जाता है।

उदाहरण

ऑडियो, टीवी सीरियल, यूट्यूब वीडियो, फिल्में, गाने, फिल्म की स्क्रिप्ट, किताब, नोवल, पेंटिंग, पोस्टर, विज्ञापन, वीडियो गेम्स, कंप्यूटर सॉफ्टवेयर आदि के लिए कॉपीराइट दिया जाता है। 

कॉपीराइट की वैलिडिटी

जब भी कोई व्यक्ति कॉपीराइट लेता है तो वह कॉपीराइट उस व्यक्ति के जिंदा रहने तक तथा उसके मरने के 70 साल बाद तक रहता है।

उसके बाद उस चीज से कॉपीराइट हट जाता है और कोई भी व्यक्ति उसका इस्तेमाल कर सकता है।

अगर वह व्यक्ति चाहे तो कॉपीराइट को बेच भी सकता है जैसे किसी फिल्म के रीमेक अधिकार देना, किसी गाने की धुन को दुबारा इस्तेमाल करने का अधिकार देना आदि।

ट्रेडमार्क ™ क्या है

ट्रेडमार्क का सिंबल ™ होता है

कोई भी शब्द, नाम, सिंबल एक ट्रेडमार्क हो सकता है।

Trademark Example

ट्रेडमार्क की कोई समय सीमा नहीं है यह तब तक काम करता है। जब तक बिजनेस चलता रहता है।

कोको कोला कोल्ड ड्रिंक बनाने वाली कंपनी है जिसने ट्रेडमार्क लिया हुआ है। आप उसके नाम तथा लोगों का इस्तेमाल नहीं कर सकते। लेकिन आप उसी प्रकार की कोल्ड ड्रिंक बनाकर दूसरे नाम से बेच सकते हैं।

लेकिन आप कोकोकोला जैसे कोल्ड ड्रिंक नहीं बना सकते क्योंकि कोका कोला अपनी कोल्ड ड्रिंक में क्या-क्या चीजें मिलाता है। वह उन सभी चीजों की जानकारी नहीं देता।

ट्रेडमार्क के फायदे

ट्रेडमार्क का फायदा यह है कि कोई भी व्यक्ति किसी फेमस कंपनी जिसने ट्रेडमार्क लिया हुआ है उसके नाम का इस्तेमाल अपने प्रोडक्ट नहीं कर सकता।

उदाहरण

एप्पल कंपनी जिसका ट्रेडमार्क (कटा हुआ सेव) है का इस्तेमाल कोई भी दूसरी कंपनी नहीं कर सकती।

एप्पल एक विश्व प्रसिद्ध कंपनी है अगर उसने अपने लोगों का ट्रेडमार्क नहीं लिया होता तो कोई भी व्यक्ति मोबाइल बनाकर उस पर एप्पल का logo लगाकर उसे बेच सकता था लेकिन ट्रेडमार्क उन्हें ऐसा करने से रोकता है।

इस कारण वस्तुओं पर ट्रेडमार्क का इस्तेमाल किया जाता है। अब आप जान गए होंगे कि Trademark kya hota hai

साउंड रिकॉर्डिंग ℗

℗ सिंबल का मतलब फोनोग्राम होता है यह म्यूजिक रिकॉर्डिंग के लिए दिया जाने वाला कॉपीराइट का सिंबल है बहुत सारे लोग कंफ्यूज हो जाते हैं कि यह पेटेंट का सिंबल है जबकि ऐसा नहीं है पेटेंट का कोई सिंबल नहीं होता है।

यह सिंबल कैसेट, ऑडियो टेप, डीवीडी, सीडी आदि के लिए मिलता है।

सर्विस मार्क SM

SM सिंबल का इस्तेमाल तब किया जाता है जब ट्रेडमार्क रजिस्ट्रेशन प्रोसेस पेंडिंग रहती है।

अगर आप ट्रेडमार्क के लिए अप्लाई कर देते हैं तो जब तक आपको ट्रेडमार्क नहीं मिलता है तब तक आप SM सिंबल का इस्तेमाल कर सकते हैं।

रजिस्ट्रेशन ® क्या होता है

जब कोई व्यक्ति या कंपनी ट्रेडमार्क के लिए अप्लाई करता है तो उसे गवर्नमेंट से एक्नॉलेजमेंट रिसिप्ट मिलती है।

एक्नॉलेजमेंट रिसिप्ट मिलने के बाद आप अपने कंपनी के नाम या logo के साथ ट्रेडमार्क सिंबल का इस्तेमाल कर सकते हैं।

लेकिन रजिस्ट्रेशन सिंबल मिलने में 18 से 24 महीने का समय लगता है।

रजिस्ट्रेशन सिंबल देने से पहले सरकार आपके ट्रेडमार्क सिंबल को पब्लिक कर देती है अगर कोई दूसरा व्यक्ति उस नाम या logo को पहले से इस्तेमाल कर रहा है तो वे उस पर केस फाइल कर सकता है।

अगर निश्चित समय अंतराल में कोई ऑब्जेक्शन नहीं किया जाता है तो गवर्नमेंट उसे रजिस्ट्रेशन सिंबल भी जारी कर देती है।

ट्रेडमार्क सिंबल में सरकार के द्वारा बिजनेस के अधिकारों की रक्षा के लिए बहुत कम सिक्योरिटी मिलती है। लेकिन रजिस्ट्रेशन सिंबल मिलने के बाद सरकार के द्वारा उसके अधिकारों की रक्षा के लिए अधिक सिक्योरिटी मिलती है।

Q 1. ट्रेडमार्क क्या दर्शाता है?

किसी भी नाम, logo, टैग लाइन पर लगा हुआ ट्रेडमार्क सिंबल दर्शाता है कि यह किसी दूसरे व्यक्ति या कंपनी की बौद्धिक संपदा है आप अपने फायदे के लिए इसका इस्तेमाल नहीं कर सकते।

Q 2. ट्रेडमार्क कैसे मिलता है?

ट्रेडमार्क लेने के लिए आपको गवर्नमेंट की वेबसाइट ipindiaonline.gov.in पर अप्लाई करना पड़ता है या फिर आप ट्रेडमार्क एजेंट से भी संपर्क कर सकते है।

Q 3.क्या ट्रेडमार्क रजिस्ट्री करवाना जरूरी है?

नहीं, ट्रेडमार्क रजिस्टर्ड करवाना जरूरी नहीं है लेकिन अगर आप चाहते हैं कि कोई भी व्यक्ति आपकी कंपनी का नाम तथा logo का इस्तेमाल ना करें तो उसे रजिस्टर जरूर करवाएं।

आपका ट्रेडमार्क रजिस्टर्ड होगा तभी आप उस व्यक्ति पर कानूनी कार्रवाई कर सकते हैं जो आपके ट्रेडमार्क का इस्तेमाल कर रहा है।

Q 4. कंपनी तथा ट्रेडमार्क में क्या अंतर है?

प्रत्येक कंपनी को अपने नाम का रजिस्ट्रेशन करवाना पड़ता है लेकिन ट्रेडमार्क रजिस्ट्रेशन करवाना जरूरी नहीं है Apple कंपनी का नाम है तथा कटा हुआ सेव उसका ट्रेडमार्क है।

Q 5. ट्रेडमार्क लेने के लिए कितनी फीस देनी पड़ती है?

ट्रेडमार्क लेने के लिए 4000 से ₹5000 तक फीस लगती है अगर आप किसी एजेंट के द्वारा ट्रेडमार्क रजिस्ट्री करवाते हैं तो एजेंट की फीस अलग से होगी।

Q 6. क्या कोई जूते, चप्पल अमेजन, फ्लिपकार्ट पर बिना किसी ट्रेडमार्क के बेचे जा सकते है?

जी हां, बेच सकते है लेकिन इसके लिए आपके पास GST नंबर होना चाहिए GST नंबर तभी मिलता है जब आप अपनी कंपनी को रजिस्टर करवाते हैं।

Q 7. कंपनी को रजिस्टर कहां करवाते हैं?

कंपनी को mca.gov.in से रजिस्टर करवा सकते है

Q 8. ट्रेडमार्क चोरी करना क्या होता है?

Apple का ट्रेडमार्क कटा हुआ सेव है अगर कोई व्यक्ति अपनी कंपनी में मोबाइल बनाकर उस पर एप्पल का ट्रेडमार्क लगाकर बेचता है तो उसे ट्रेडमार्क चोरी करना कहते हैं।

Q 9. ब्रांड और ट्रेडमार्क में क्या अंतर है?

ब्रांड किसी कंपनी का नाम होता है ट्रेडमार्क उस कंपनी का logo या कोई डिजाइन या कोई टैग लाइन।

Q 10. किसी बड़े बिजनेस के लिए ट्रेडमार्क होना जरूरी है?

अगर आपकी कंपनी का ट्रेडमार्क है तो बार-बार आपको अपने प्रोडक्ट पर कंपनी का नाम नहीं लिखना होगा आप अपने ट्रेडमार्क का इस्तेमाल भी कर सकते है।

मार्केटिंग लिए भी ट्रेडमार्क इस्तेमाल किया जाता है।

Q 11. ट्रेडमार्क लेने में कितना समय लगता है?

ट्रेडमार्क लेने में कम से कम 8 से 10 महीने का समय लगता है।

Q 12. ट्रेडमार्क को Internationally कैसे रजिस्टर करवाएं?

सबसे पहले आपको अपने ट्रेडमार्क को अपने ही देश में रजिस्टर करवाना होता है उसके बाद आपकी गवर्नमेंट की तरफ से आपकी एप्लीकेशन को WIPO (World Intellectual Property organization)   में भेजा जाता है।

WIPO एग्जामिन करने के बाद जब आपकी एप्लीकेशन को अप्प्रूव कर देता है। तो आपका ट्रेडमार्क इंटरनेशनल हो जाता है।

कंपनी का नाम रजिस्टर करने से पहले यह कैसे पता करे कि यह नाम अवेलेबल है या नही?

रजिस्ट्रेशन करवाने से पहले आप गवर्नमेंट वेबसाइट पर चेक कर सकते है।  चेक करे

निष्कर्ष

इस आर्टिकल में आपने जाना कि Trademark kya hota hai ट्रेडमार्क के फायदे, कॉपीराइट © क्या होता है, रजिस्ट्रेशन ® क्या होता है, कंपनी तथा ट्रेडमार्क में क्या अंतर है, ट्रेडमार्क लेने में कितना समय लगता है आदि

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