Gateway of india in hindi | निर्माण 1911 में

Gateway of india in hindi: गेटवे ऑफ इंडिया भारत के मुंबई शहर (Mumbai city) में स्थित है, इसका निर्माण 20वीं सदी में हुआ था। इसका निर्माण इंग्लैंड के राजा जॉर्ज पंचम और रानी मैरी की भारत यात्रा करने के पश्चात किया गया था। उन्होंने यहीं से भारत में प्रवेश किया था। उन्हीं की याद में इसका निर्माण किया गया था। यहाँ आपको गेटवे ऑफ इंडिया (Gateway of india in hindi) Mumbai के इतिहास के बारे में समस्त जानकारी मिलेगी।

गेटवे ऑफ इंडिया (Gateway of India Mumbai) की आधारशिला 31 मार्च 1911 को रखी गई थी। यह 26 मीटर (85 फीट) ऊंचा है।

इसका डिज़ाइन जॉर्ज विटेट ने बनाया था। इसका निर्माण 1924 में पूरा था। गेटवे ऑफ़ इंडिया को बाद में भारत में प्रतीकात्मक (Symbolic) प्रवेश द्वार के रूप में इस्तेमाल किया जाता था ।

गेटवे ऑफ इंडिया दक्षिण मुंबई में छत्रपति शिवाजी महाराज मार्ग के अंत में अपोलो बंदर क्षेत्र में तट पर स्थित है।

इस स्मारक को मुंबई का ताजमहल भी कहा जाता है। यह शहर का मुख्य पर्यटक स्थल है।

गेटवे ऑफ इंडिया Mumbai Gateway of india in hindi

गेटवे ऑफ इंडिया का इतिहास Gateway of india in hindi

1. गेटवे ऑफ इंडिया मुंबई के ऊपर शिलालेख (Inscription) में लिखा है, “1911 में अपने शाही मजिस्टेस राजा जॉर्ज पंचम और रानी मैरी के भारत में उतरने की स्मृति में बनाया गया”।

2. जिस स्थान पर गेटवे ऑफ इंडिया बनाया गया वह पहले मछली पकड़ने के लिए काम में लिया जाता था। इससे पहले मुंबई आने वाले लोग यहीं पर नाव से उतरते थे।

3. देश की स्वतंत्रता के बाद भारत को छोड़कर जाने वाली अंतिम ब्रिटिश सेना की पहली बटालियन 28 फरवरी 1948 को ब्रिटिश शासन के अंत का संकेत देते हुए एक समारोह में गेटवे से गुजरी थी।

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गेटवे ऑफ इंडिया की डिजाइन और वास्तुकला

1. स्कॉटिश वास्तुकार जॉर्ज विटेट ने गेटवे ऑफ इंडिया का संरचनात्मक डिजाइन एक arch(एक बड़ा गेट) से बना है, जिसकी ऊँचाई 26 मीटर है।

2. स्मारक का डिजाइन हिंदू और मुस्लिम स्थापत्य शैली का संयोजन है। मेहराब (बड़ा गेट) मुस्लिम शैली का है, जबकि सजावट हिंदू शैली की है।

3. गेटवे ऑफ़ इंडिया पीले बेसाल्ट और कंक्रीट से बनाया गया है।

4. इसके केंद्रीय गुंबद का व्यास 48 फीट(15 मीटर) और इसका उच्चतम बिंदु जमीन से 83 फीट (25 मीटर) ऊपर है। मेहराब (मुख्य गेट) के दोनों तरफ 600 लोगों की क्षमता वाले दो बड़े हॉल हैं।

स्थान और महत्व (Place and importance)

1. गेटवे ऑफ़ इंडिया को एक “प्रतीक स्मारक” के रूप में जाना जाता है, जो मुंबई शहर का प्रतिनिधित्व करता है। ताजमहल होटल गेटवे ऑफ इंडिया के सामने स्थित है

2. अंग्रेज भारत में इस प्रवेश द्वार को ब्रिटिश साम्राज्य की “शक्ति और महिमा” का प्रतीक मानते थे।

3. इस प्रवेश द्वार के सामने छत्रपति शिवाजी महाराज की प्रतिमा है, जो मराठाओ के “गर्व और साहस” का प्रतीक है। इस प्रतिमा का अनावरण 26 जनवरी 1961 को भारत के गणतंत्र दिवस के अवसर पर किया गया था।

4. स्मारक के पास के क्षेत्र में दूसरी मूर्ति स्वामी विवेकानंद की है, जो एक भारतीय मूर्तिकार सीताराम एस आरटे द्वारा बनाई गई है।

पर्यटन (Gateway of India Mumbai as a tourist place)

Gateway of India Mumbai

1. गेटवे ऑफ इंडिया मुंबई का एक प्रमुख पर्यटन स्थल है और स्थानीय लोगों और फोटोग्राफरों के लिए एक लोकप्रिय स्थल है।

2. हर दूसरे सेकंड में इस स्मारक को छूती समुद्री लहरों को देखना एक अद्भुत अनुभव देता है। शाम का नज़ारा कमाल का होता है।

3. यहाँ कबूतर मुख्य आकर्षण का केंद्र हैं। उनके साथ आप यादगार फोटो खींच सकते है।

4. “संगीत और नृत्य का एलिफेंटा फेस्टिवल” जो पहले एलिफेंटा गुफाओं में मनाया जाता था, जगह की कमी के कारण 2012 में महाराष्ट्र पर्यटन विकास निगम ने इसे गेटवे पर स्थानांतरित कर दिया। गेटवे 2,000 से 2,500 लोगों की मेजबानी कर सकता है

Gateway of india in hindi महत्वपूर्ण Question and answer

Q. गेटवे ऑफ़ इंडिया का निर्माण किसने करवाया ?

Ans. अंग्रेजों द्वारा इसका निर्माण इंग्लैंड के राजा जॉर्ज पंचम और रानी मैरी की भारत की यात्रा करने की याद में किया गया था।

Q. गेटवे ऑफ़ इंडिया का निर्माण किस वर्ष में किया गया था?

Ans. गेटवे ऑफ़ इंडिया की आधारशिला 31 मार्च 1911 को रखी गई थी।  

Q. इसका नाम गेटवे ऑफ़ इंडिया क्यों पड़ा?  

Ans. अरब सागर से आने वाले जहाज पहले यही पर आकर रुकते थे और यहीं से भारत में प्रवेश करते थे। मतलब इसे भारत में प्रवेश करने के सिंबल(Entry symbol in india) के रुप में जाना जाता था। इस कारण इसका नाम गेटवे ऑफ़ इंडिया पड़ा।

Q. गेटवे ऑफ़ इंडिया का डिज़ाइन(Gateway of india design) किसने बनाया था?

Ans. इसका डिज़ाइन जॉर्ज विटेट(George Wittet) ने बनाया था।

Q. गेटवे ऑफ़ इंडिया का निर्माण पूरा कब हुआ?

Ans. 4 दिसम्बर 1924 

Q. गेटवे ऑफ़ इंडिया के सबसे नजदीक रेलवे स्टेशन कौन सा है? (Nearest railway station to gateway of india)

Ans. गेटवे ऑफ़ इंडिया छत्रपति शिवजी टर्मिनल से 2.5 दूर है और चर्च गेट रेलवे स्टेशन से 2.4 किलोमीटर दूर है।

Q. गेटवे ऑफ़ इंडिया खुलने का समय(Time) क्या है?

Ans. यह 24 घंटे खुला ही रहता है।

Q. गेटवे ऑफ़ इंडिया की हाइट(Height) कितनी है?

Ans. यह 26 मीटर (85 फीट) ऊंचा है।

Q. एलिफेंटा की गुफ़ाओं में घूमने के लिए कहा से जा सकते है?

Ans. एलिफेंटा की गुफ़ाओं में घूमने जाने के लिए सबसे पहले आपको गेटवे ऑफ़ इंडिया जाना होगा, वहां से आपको नाव(Ferry) की टिकट खरीदनी पड़ेगी। यह नाव लगभग 1 घंटे में आपको वहां पहुँचा देगी।

Q. एलिफेंटा की गुफ़ाये कब तक खुली(Open) रहती है?

Ans. ये गुफाये सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक खुली रहती है और सोमवार को बंद(छुट्टी) रहती है।

Q. एलिफेंटा की गुफ़ाओं का निर्माण(Built) किसने करवाया?

Ans. इनका निर्माण 6 वीं शताब्दी के मध्य में हिन्दू राजा “कलचुरी” के द्वारा करवाया गया था। ये गुफाये मध्य रुप से भगवान शिव को समर्पित है।

Q. एलिफेंटा की गुफ़ाओं में घूमने जाने का दिन में सबसे बढ़िया समय कौनसा है?

Ans. दोपहर 2 बजे आप गेटवे ऑफ़ इंडिया पहुंच जाए। वहां से आपको लगभग 1 घंटा लगेगा एलिफेंटा पहुंचने में। शाम का समय वहां घूमने का सबसे best time है। शाम के समय समुद्र का नजारा कुछ और ही होता है।

Q. एलिफेंटा जाने के लिए गेटवे ऑफ़ इंडिया से मिलने वाली Ferry(नाव) का समय क्या होता है?

Ans. सुबह 9 बजे से शाम 6 बजे तक।

Gateway of india in hindi नामक इस लेख में हमने आपको Gateway of India Mumbai के सम्पूर्ण इतिहास, गेटवे ऑफ इंडिया के निर्माण तथा उसकी डिज़ाइन, Gateway of India Mumbaiसे सम्बंधित घटनाओं के बारे में समस्त जानकारी देने का प्रयास किया है।

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