टावरों पर लाल रंग की बत्ती क्यों लगाते है
टावरों पर लाल रंग की बत्ती क्यों लगाते है : मोबाइल टावरों पर लगी लाल रंग की बत्ती को aeroplane warning लाइट कहते है।
लाल रंग का तरंगधैर्य सबसे अधिक होता है Aeroplane के पायलट को आगाह करने के लिए टावर पर लाल रंग की लाइट लगाई जाती है।
टावरों पर लाल रंग की बत्ती क्यों लगाते है
विमान में सुरक्षा का बहुत ध्यान रखा जाता है क्योकि पैसेंजर विमान 700-800 km/h की गति से उड़ता है। जब कि लड़ाकू विमान के उड़ने की गति लगभग 2500 km/h होती है।
इस गति से उड़ते हुए विमान के अगर कोई पक्षी भी टकरा जाये तो भयंकर नुकसान होता है।
यहाँ तक कि विमान नीचे भी गिर सकता है इसलिए विमान के रास्ते में आने वाली हर चीज़ के बारे में पायलट को बताना जरुरी है।
क़ानूनी तौर पर हर वो ईमारत या टावर जिसकी ऊंचाई 45 मीटर (148 फ़ीट) लगभग 15 मंजिल से अधिक है उस पर लाल रंग की बत्ती लगाना अनिवार्य है।
हालांकि विमान काफी ऊंचाई पर उड़ते है लेकिन कुछ विशेष परिस्थिति में ये विमान काफी नीचे भी आ जाते है।
लड़ाकू विमान तथा हेलीकॉप्टर अक्सर इसी ऊंचाई के आसपास उड़ते है।
लाल बत्ती पायलट को रात्रि के समय आगाह करने के लिए लगाई जाती है।
लाल रंग की लाइट ही क्यों लगते है?
लाल रंग का तरंगधैर्य सबसे अधिक होता है।
लाल रंग का फैलाव कम होता है इसलिए यह दूर तक भी दिखाई दे जाती है।
लाल रंग की बत्ती की तरंगधैर्य कम या ज्यादा भी कर सकते है।
टावरो पर किस तरंगधैर्य की लाल बत्ती लगाई जाएगी यह सरकार द्वारा निर्धरित होता है।
अब आप समझ गए होंगे कि टावरों पर लाल रंग की बत्ती क्यों लगाते है।
क्या होगा अगर दुनिया का सारा कचरा ज्वालामुखी में फेंक दिया जाए
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