क्या होगा अगर दुनिया का सारा कचरा ज्वालामुखी में फेंक दिया जाए
पूरी दुनिया में सबसे बड़ी समस्याओं में से एक है प्लास्टिक का कचरा। जैसा कि आपको पता है कि प्लास्टिक को नष्ट नहीं किया जा सकता है। जमीन में घुलकर यह जमीन को बंजर बना सकता है। All garbage drop in volcano
अगर प्लास्टिक को जलाकर नष्ट करें तो इसमें से ज़हरीली गैसे निकलती है। जो वायुमंडल के लिए खतरनाक होती हैं।
केवल एक ही तरीके से इसे नष्ट कर सकते हैं और वह है इस कचरे को रिसाइकल करके पुन्न काम में लेना।
लेकिन यह संभव नहीं है क्योंकि इसके लिए बड़ी-बड़ी फैक्ट्रियां तथा बहुत सारा पैसा चाहिए।
लेकिन कभी आप के दिमाग में भी विचार आया होगा कि क्यों ना सारे कचरे को ज्वालामुखी में डालकर नष्ट कर दिया जाए। लेकिन क्या यह तरीका काम करेगा चलिए जानते है।
ज्वालामुखी जमीन के अंदर की गर्मी के कारण चट्टानों के पिघलने के कारण बनता है। उसका तापमान लाखों-करोड़ों डिग्री सेल्सियस होता है। जिसमें अगर इंसान गिर जाए तो कुछ पल में मर सकता है।
ज्वालामुखी में कचरा डालने पर क्या होगा
दुनिया का सारा कचरा ज्वालामुखी में डालने के लिए सबसे जरूरी है। एक सक्रिय ज्वालामुखी को ढूंढ़ना पड़ेगा। क्योंकि पूरी दुनिया में छोटे-बड़े सक्रिय ज्वालामुखी सिर्फ गिने-चुने ही है।
सबसे बड़ी बात यह है कि पूरी दुनिया का कचरा ज्वालामुखी तक ले जाने में कितना खर्चा आएगा उसका आप अंदाजा भी नहीं लगा सकते है।
ट्रांसपोर्ट के माध्यम से ले जाने पर खर्चा बहुत आएगा और हवाई जहाज से इतना कचरा ले जाना संभव नहीं है।
एक और बड़ी समस्या यह है कि सामान्य आदमी ज्वालामुखी के पास भी नहीं जा सकता क्योंकि ज्वालामुखी के आसपास कई किलोमीटर तक उसकी गर्मी रहती है तो ज्वालामुखी अंदर कचरा कैसे डालेंगे।
उसके बाद सबसे बड़ी मुश्किल है। ज्वालामुखी में कचरा डालने पर होने वाली केमिकल रिएक्शन।
ज्वालामुखी गर्म होता है जबकि कचरा ठंडा होता है। जब कचरा ज्वालामुखी में डाला जाता है। तो कचरा जलने के कारण ज्वालामुखी में से जहरीली गैस निकलती है जो वायुमंडल के लिए हानिकारक है।
अगर बहुत सारा कचरा एक साथ ज्वालामुखी में डाल दे तो यह कितना भयानक हो सकता है यह हम सोच भी नहीं सकते हो सकता है। उस ज्वालामुखी के कई किलोमीटर दायरे में सारी वनस्पती ही ख़त्म हो जाये।
वैज्ञानिकों ने सारी रिसर्च करने के बाद यह पाया कि दुनिया का सारा कचरा ज्वालामुखी में डालना नामुमकिन है और ऐसा करना मूर्खता है।
अब आप जान गए होंगे कि ज्वालामुखी में सारा कचरा क्यों नहीं दाल सकते।
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