नोट्स बनाने का सबसे बेहतरीन तरीका

किसी भी एग्जाम जैसे SSC, IAS, Bank, Railway आदि में अच्छे नंबर लाने के लिए नोट्स बनाना बहुत जरुरी हो गया है लेकिन अगर आपको नोट्स बनाने का सही तरीका नही पता तो इस गाइड को पढने के बाद जान जायेंगे कि अच्छे नोट्स कैसे बनाएं जाते है।

आज के समय प्रत्येक विषय में सिलेबस इतना बढ़ गया है कि एग्जाम के समय उसे revise करना बहुत मुश्किल हो गया है। इसलिए जल्दी रिवीजन करने के लिए नोट्स बनाना बहुत जरुरी है।

दुसरे व्यक्ति के नोट्स को पढने से आपको एग्जाम में क्या-क्या नुकसान हो सकता है यह जानने के लिए आपको यह आर्टिकल पूरा पढना पड़ेगा। लेकिन उससे पहले यह जान लेते है कि नोट्स बनाने के क्या फायदे है।     

नोट्स बनाने के क्या फायदे है

नोट्स के द्वारा एग्जाम के समय रिवीजन करने में कम समय लगता है लेकिन इसके लिए आपको रिवीजन करने का सबसे बढ़िया वैज्ञानिक तरीके के बारे में पता होना चाहिए।

नोट्स के द्वारा आप दो या दो से अधिक किताबों से इंपोर्टेंट इनफार्मेशन को एक जगह पर लिख सकते हैं।

कुछ किताबें एग्जाम के लिए नहीं होती हैं लेकिन उनमें बहुत बढ़िया जानकारी होती है उस जानकारी को भी आप नोट्स के द्वारा अपनी एग्जाम के लिए तैयार कर सकते हैं।

नोट्स बनाने से आप कांसेप्ट को बढ़िया तरीके से समझ पाते हैं क्योंकि अच्छे नोट्स आप तभी बना पाएंगे जब आपको पूरा चैप्टर अच्छी तरह समझ आ जाएगा।

नोट्स बनाने से आपकी राइटिंग स्किल भी इम्प्रूव होती है।

नोट्स बनाने से पहले यह जरुर करें

नोट्स बनाने से पहले चैप्टर को पूरा चैप्टर पढ़ना है। चैप्टर को पहली बार पढ़ते समय का नोट्स कभी नहीं बनाने हैं इंपॉर्टेंट पॉइंट्स को अंडरलाइन करना है और उन्हें ठीक से समझना है।

फिर उस चैप्टर से संबंधित पिछले साल के एग्जाम के प्रश्न देखने है इससे आपको यह पता चलेगा कि यह चैप्टर एग्जाम के लिए कितना इंपोर्टेंट है और एग्जाम में किस तरह के प्रश्न आते है।  

चैप्टर का सारा निचोड़ निकालने के बाद ही नोट्स बनाना शुरू करें आपको नोट्स में सिर्फ वही चीज़े लिखनी है जो एग्जाम के लिए महत्वपूर्ण है।

नोट्स बनाने के लिए सफेद पेज वाले स्पाइरल रजिस्टर का यूज करें क्योंकि सफेद पेज पर आप अपनी मर्जी के अनुसार डायग्राम बना सकते हैं और आपको लाइन को फॉलो नहीं करना पड़ता।

स्पाइरल रजिस्टर को यूज करने का एक फायदा यह है कि आप जब चाहे रजिस्टर के बीच में अतिरिक्त पेज जोड़ सकते हैं और किसी भी चैप्टर में एक्स्ट्रा नोट्स लिख सकते है।

एक चैप्टर के नोट्स को कम से कम पेज में बनाने की कोशिश करें। अगर छोटा चैप्टर है तो 2 पेज में ही नोट्स तैयार करें और यदि बड़ा चैप्टर तो 3 से 4 पेज में नोट्स तैयार करें।

नोट्स बनाते समय सिलेबस को फॉलो करें। सिलेबस में जो Heading तथा Sub-heading दी हुई है उसी आर्डर में नोट्स बनाओ। इससे आपको याद करने में आसानी होगी।

नोट्स बनाते समय आप mind mappng (नोट्स बनाने कि सबसे बढ़िया तकनीक) Flow chart और spider diagram का भी use कर सकते है। इससे आपको याद करने में आसानी होगी।  

एग्जाम दो तरह के होते हैं

Theory एग्जाम : ऐसे एग्जाम जिसमे आपको टॉपिक का नाम पता होना चाहिए बाकी सब आपको अपनी मर्जी से लिखना होता है।

Derivative एग्जाम : वह एग्जाम जहां आपको किताब कि ही भाषा में उत्तर लिखना होता है जैसा किताब में लिखा है वैसा ही आंसर लिखना होता है।

Theory एग्जाम में नोट्स बनाकर एक बार revision करने पर काम चल जायेगा लेकिन Derivative एग्जाम में सिर्फ नोट्स बनाने से काम नहीं चलेगा बल्कि आपको समय-समय पर उनका रिवीजन करना पड़ेगा।

नोट्स कैसे बनाएं

नोट्स बनाने से पहले तीन चीजों की मदद लें।

  • जो आपको टीचर ने क्लास में पढ़ाया है नोट्स बनाते समय क्लास नोट्स का इस्तेमाल करें।
  • सब्जेक्ट कि सिलेबस बुक का इस्तेमाल करें। ताकि कोई पॉइंट छुट ना जाए।  
  • बढ़िया रेफेरेंस बुक जो उसी टॉपिक पर किसी एक्सपर्ट के द्वारा लिखी हुई है।

नोट्स बनाते समय 90:20 फार्मूला का इस्तेमाल करें प्रत्येक चैप्टर में 90% कनेक्टिंग word होते हैं तथा 10% मुख्य word होते हैं। कनेक्टिंग word का काम मुख्य word को आपस में जोड़ने का होता है।

आपको सिर्फ मुख्य words को अपने नोट्स में लिखना है जब आप नोट्स पढ़ेंगे तो उनके पीछे की स्टोरी अपने आप याद आ जाएगी और फिर आप उसे अपने शब्दों में लिख सकते हैं।

नोट्स बनाते समय ध्यान रखने योग्य बातें

अब आप जान गए होंगे कि नोट्स कैसे बनाएं लेकिन नोट्स बनाते समय कुछ बातों का ध्यान रखना होता है जैसे

नोट्स हमेशा पॉइंट to पॉइंट या चार्ट कि फॉर्म में ही बनाएं पैराग्राफ की फॉर्म में कभी भी नोट्स ना बनाएं।

नोट्स खुद की हैंडराइटिंग में ही बनाए तथा हैंडराइटिंग साफ सुथरी होनी चाहिए।

नोट्स में किसी भी टॉपिक के बारे में कोई गलत इंफॉर्मेशन ना लिखें अगर आपको कोई कंफ्यूजन है तो नोट्स बनाने से पहले अपने टीचर से डिस्कस करें।

नोट्स में खुद के बनाए शॉर्ट फॉर्म का इस्तेमाल करें जैसे Reaction को rcn, combination को cbn आदि। ताकि आपको बार-बार किसी बड़े शब्द को नहीं लिखना पड़े। इसलिए खुद के शॉर्ट फॉर्म बनाए और उनके मीनिंग पेज के सबसे ऊपर या नीचे की और लिख ले।

नोट्स को सुंदर बनाने में टाइम वेस्ट मत करो नोट्स सिर्फ organized होने चाहिए सुन्दर नही।

किसी दुसरे व्यक्ति के नोट्स क्यों नही पढने चाहिए

कभी भी दूसरो के नोट्स के भरोसे ना रहे। खुद के ही नोट्स बनाएं। प्रत्येक व्यक्ति अपनी सहूलियत के अनुसार नोट्स बनता है।

कभी-कभी कोई स्टूडेंट नोट्स बनाते समय ऐसा टॉपिक भी छोड़ सकता है जो उसको अच्छी तरह से आता हो और उसके नोट्स पढने पर आपको उस टॉपिक के बारे में पता नही चलेगा। और अगर वही टॉपिक एग्जाम में आ गया तो आपको कुछ नंबर का नुकसान हो सकता है।

Compitition एग्जाम में एक-एक नंबर का काफी महत्व होता है।  

नोट्स बनाते समय इंपॉर्टेंट पॉइंट्स का कैसे पता करें

नोट्स बनाने से पहले आपको चैप्टर को एक बार अच्छी तरह से पढ़ना चाहिए तथा प्रत्येक टॉपिक को अच्छी तरह से समझना चाहिए।

जब चैप्टर समझ में आ जाए तो उस चैप्टर के पिछले साल के question को पढ़े इससे आपको इंपॉर्टेंट टॉपिक के बारे में पता चल जाएगा।

इससे आपको नोट्स बनाने में भी आसानी होगी और यह भी पता चल जाएगा कि किस टॉपिक में कौन-कौन से प्रश्न पूछे गए हैं।

निष्कर्ष

इस आर्टिकल को पढने के बाद आप समझ गये होंगे कि नोट्स कैसे बनाएं जाते है।

नोट्स का समय-समय पर revision करना भी जरुरी होता है वरना याद किया हुआ आप बहुत जल्दी भूल जायेंगे।

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