सीमेंट कैसे बनती है

सीमेंट के बिना आज किसी भी मकान या ब्रिज को बनाने के बारे में सोच भी नही सकते। प्राचीन काल में सीमेंट के स्थान पर चूना का इस्तेमाल किया जाता था।

चूना का इस्तेमाल करके बनाए हुए मकान सैकड़ो सालों तक भी वैसे के वैसे ही रहते है। जब कि सीमेंट के द्वारा बनाए हुए मकान का जीवनकाल चूना के द्वारा बनाए मकान के जीवनकाल से कम होता है।  

इस आर्टिकल में मैं आपको सीमेंट कैसे बनती है इसके बारे में पूरी जानकारी दूँगा।

सीमेंट की खोज

सीमेंट की खोज “William Aspdin” ने 1824 में इंग्लैंड में की थी। इंग्लैंड में एक पोर्टलैंड नामक पहाड़ी है जिसका रंग सीमेंट के जैसा ही है। इस कारण सीमेंट को “पोर्टलैंड सीमेंट” भी कहा जाता है। भारत में सीमेंट का उत्पादन 1913 में शुरू हुआ था

सीमेंट के उपयोग

घर बनाने के लिए सीमेंट सबसे जरूरी चीजों में से एक है इसके निम्न उपयोग है।

ईंट तथा पत्थर को आपस में जोड़ने के लिए।

दीवार पर प्लास्टर करने के लिए।

छत बनाने के लिए कंक्रीट में सीमेंट मिलाई जाती है।

सीमेंट के अवयव

कैल्शियम ऑक्साइड CaO60-65%
मिट्टी Sio220-25%
एलुमिना Al2O36-8%
Hagnesia HgO1.5-3%
आयरन ऑक्साइड2-4%
कैलशियम सल्फेट CaSo4 (जिप्सम)3-5%
सल्फर डाइऑक्साइड So21.5-2%
Alpalies1%

सीमेंट कैसे बनती है

सीमेंट के निर्माण के लिए सबसे पहले खदानों में से चूना पत्थर तथा मिट्टी को गाड़ियो के द्वारा सीमेंट की फैक्ट्री में लाया जाता है फिर उसे मिलाकर पानी से धोया जाता है ताकि उसमे मौजूद कचरा बाहर निकल जाए।

इसके बाद इसे 1450 डिग्री सेंटीग्रेड तापमान पर गर्म किया जाता है जिससे इसके नेचुरल कंपाउंड टूट जाते हैं और एक नया पदार्थ बनता है जिसे खंगर या क्लिंकर कहते हैं।

इसके बाद में इसमें जिप्सम मिलाकर इसे बारीक पीस लिया जाता है। जिप्सम इसलिए मिलाते हैं ताकि पानी में भीगते ही सीमेंट सख्त ना हो जाए।

अगर सीमेंट पानी डालते ही सख्त हो जाएगी तो हम इसे दीवार पर सही से लगा भी नहीं पाएंगे।

इसके बाद सीमेंट को ठंडा करके इसकी पैकिंग की जाती है।

सीमेंट को क्वालिटी के आधार पर मुख्य रूप से तीन श्रेणी में बांटा गया है ग्रेड-33, ग्रेड-43, ग्रेड-53 सीमेंट बनाने के 28 दिन बाद इसकी टेस्टिंग की जाती है तब इसकी श्रेणी का निर्धारण किया जाता है।

सीमेंट के प्रकार

सीमेंट को बनाने में इस्तेमाल होने वाले कच्चे माल के आधार पर सीमेंट कई प्रकार के होते हैं कुछ जगह जैसे बड़े-बड़े पुल, बड़ी-बड़ी बिल्डिंग आदि के निर्माण के लिए अच्छी क्वालिटी के सीमेंट की जरूरत होती है। यह सीमेंट 100 से 150 साल तक टिक सकती है लेकिन घर, चारदीवारी तथा सड़क आदि के निर्माण में Low क्वालिटी की सीमेंट का इस्तेमाल किया जाता है।

  • Portland Blast Furnace Slag Cement (PBFSC)
  • Sulphate Resisting Portland cement
  • Ordinary Portland cement (OPC)
  • Rapid Hardening Portland cement
  • Portland Pozolona cement (PPC)
  • Oil Well Cement
  • White Cement

भारत में सीमेंट बनाने वाली प्रमुख कंपनियां

  • ACC cement
  • L&T cement
  • Shri Ultra cement
  • Binani cement
  • Ambuja cement
  • Shree cement
  • Birla cement
  • J.K. Laxmi Cement
  • CCI cement

सफ़ेद सीमेंट का उपयोग  

पोर्टलैंड सीमेंट में अगर आयरन, मैग़नीज, क्रोमियम की मात्रा कम कर दी जाए तो सफ़ेद सीमेंट बनती है सफ़ेद सीमेंट को कई जगह use किया जाता है। जैसे  

  • सफ़ेद सीमेंट का इस्तेमाल डेकोरेशन में किया जाता है।
  • कंक्रीट को रंगने में इसका इस्तेमाल किया जाता है।
  • टाइल्स को आपस में जोड़ने में
  • मार्बल के फर्श के नीचे पत्थर को स्थिर करने में
  • दीवार में छोटे गड्डो को भरने में

सीमेंट निर्माण बिजनेस कैसे करें

सीमेंट बनाने का बिजनेस शुरू करना बहुत ही मुश्किल काम है इसके लिए करोड़ों रुपए का इन्वेस्टमेंट करना पड़ता है।

सीमेंट प्लांट लगाने के लिए आपको बहुत सारी जमीन की आवश्यकता होगी इसके बाद मजदूर तथा सीमेंट बनाने के लिए कच्चा माल ट्रकों के द्वारा मंगवाना होगा जिसमें करोड़ों रुपए खर्च होंगे।

सीमेंट की फैक्ट्री ऐसी जगह लगाई जाती है जहां जमीन के प्रचुर मात्रा में चूना तथा मिट्टी मौजूद हो।

असली तथा नकली सीमेंट की पहचान

मार्केट में ब्रांडेड कंपनी कि आड़ में नकली सीमेंट भी बहुत बेचीं जाती है इसलिए सीमेंट खरीदने से पहले उसे चेक जरुर कर ले।

सीमेंट के पैकेट के उपर कंपनी की ब्रांडिंग जरूर चेक करें।

असली सीमेंट गर्मी हो या सर्दी वह हमेशा ठंडी रहती है।

असली सीमेंट बिल्कुल बारीक पाउडर की तरह होती है।

OPC तथा PPC सीमेंट में क्या अंतर है

OPC का फुल फॉर्म “ऑर्डिनरी पोर्टलैंड सीमेंट” तथा PPC का फुल फॉर्म “Portland Pozolona cement” होता है।

OPC सीमेंट के अंदर Pozolona मटेरियल (जैसे कोयले की राख, ज्वालामुखी की राख आदि) मिलाने पर PPC सीमेंट बनता है।

PPC सीमेंट का उपयोग समुद्र के किनारे वाले बांध, पुल तथा पोर्ट बनाने में अधिक में ज्यादा किया जाता है क्योंकि पानी के कारण वातावरण में मौजूद नमी के कारण इसको कम नुकसान होता है।

OPC सीमेंट का उपयोग घर बनाने में किया जाता है।

OPC सीमेंट का जीवनकल कम होता है जबकि PPC सीमेंट का जीवनकाल अधिक होता है।

OPC सीमेंट जल्दी मजबूती प्रदान करती है जबकि PPC सीमेंट धीरे-धीरे मजबूत होती है।

निष्कर्ष

इस आर्टिकल में आपने जाना कि सीमेंट कैसे बनती है सीमेंट का इस्तेमाल ध्यान पूर्वक करना चाहिए यह हाथो कि स्किन के लिए भी नुकसान दायक होती है।

सीमेंट ज्यादा पुरानी हो तो इसका मजबूती ख़त्म हो जाती है। इसलिए सीमेंट हमेशा एक्सपायरी date देखकर ही ख़रीदे।  

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